नई दिल्ली: बिहार में विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां हैं। राजनीतिक दल वोटरों को आकर्षित करने के लिए लुभावने वादे कर रहे हैं। हालांकि, अभी चुनाव के तारीखों का ऐलान नहीं हुआ है लेकिन तैयार की जा रही वोटर लिस्ट की वजह से यह राज्य सुर्खियों में है। ऐसे में बृहस्पतिवार को केंद्रीय परमाणु ऊर्जा विभाग और अंतरिक्ष विभाग के राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि अभी तक बिहार में आधुनिक तारामंडल व अंतरिक्ष विज्ञान केंद्र स्थापित करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
हाल ही में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने बिहार सहित कई राज्यों में अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में छात्रों को प्रेरित और प्रशिक्षित करने और बिहार राज्य में विज्ञान एवं अंतरिक्ष संबंधी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कई शैक्षिक आउटरीच कार्यक्रम शुरू किए हैं। मंत्री ने यह भी कहा कि यदि संबंधित हितधारकों से ऐसे प्रस्ताव प्राप्त होते हैं तो विभाग सकारात्मक रूप से कार्य करेगा। साथ ही बिहार में आधुनिक तारामंडल की स्थापना के लिए ऐसी पहलों का समर्थन करेगा।
चल रहा स्पेस ऑन व्हील्स
केंद्र सरकार वैज्ञानिक चेतना के विस्तार के लिए युविका, स्पेस ट्यूटर्स और स्पेस ऑन व्हील्स सरीखे प्लान पर काम रही है। इसमें इसरो का “स्पेस ऑन व्हील्स” खास है। इससे युवा प्रतिभाओं में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति जिज्ञासा बढ़ाने में मदद मिल रही है। यह मोबाइल प्रदर्शनी पहल अंतरिक्ष अन्वेषण के चमत्कारों को सीधे भारत भर के छात्रों और समुदायों तक पहुंचाती है, जिससे दूर-दराज के इलाकों में भी विज्ञान की पहुंच सुलभ हो जाती है। तेलंगाना, झारखंड और बिहार जैसे राज्यों में हाल के कार्यक्रमों ने इंटरैक्टिव प्रदर्शनियों और शैक्षिक सामग्री के माध्यम से जनता को जोड़ने की इसरो की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया है। झारखंड और बिहार में 20 विभिन्न स्थानों पर गांवों, कस्बों और शैक्षणिक संस्थानों में कार्यक्रम हुए हैं।
यहां हैं आधुनिक तारामंडल
भारत में कई आधुनिक तारामंडल हैं। ये नेहरू तारामंडल (दिल्ली), बिरला तारामंडल (कोलकाता), बिरला तारामंडल (चेन्नई) और गोरखपुर तारामंडल हैं। ये तारामंडल आधुनिक तकनीक से लैस हैं।
बिहार में तारामंडल
बिहार में दो तारामंडल हैं। पटना तारामंडल (इंदिरा गांधी तारामंडल) और दरभंगा तारामंडल। पटना तारामंडल को इंदिरा गांधी तारामंडल भी कहा जाता है। दरभंगा तारामंडल बिहार का दूसरा तारामंडल है जो दरभंगा के कादिराबाद पॉलिटेक्निक ग्राउंड में है।



