नई दिल्ली। पूर्वोत्तर के सबसे महत्वपूर्ण राज्य असम में नई सरकार चुनने के लिए मतदान की प्रक्रिया आज (गुरुवार) सुबह 7 बजे से जारी है। एक ही चरण में हो रहे इस चुनाव के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। इस बार का मुकाबला बेहद रोचक है क्योंकि जहां मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में भाजपा सत्ता की हैट्रिक लगाने की कोशिश में है, वहीं कांग्रेस अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है।
जोरहाट में गोगोई की विरासत बनाम भाजपा की साख
अपर असम की जोरहाट सीट इस चुनाव का सबसे बड़ा हॉटस्पॉट बनी हुई है। यहाँ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई और भाजपा के दिग्गज नेता हितेंद्र नाथ गोस्वामी के बीच आमने-सामने की जंग है। यह सीट कभी गौरव के पिता और पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत तरुण गोगोई का अभेद्य किला मानी जाती थी। भाजपा इसे छीनने के लिए पूरी ताकत झोंक चुकी है, जबकि कांग्रेस के लिए यह अपनी विरासत बचाने की लड़ाई है।
जालुकबाड़ी में सीएम सरमा को कांग्रेस की चुनौती
लोअर असम की जालुकबाड़ी सीट मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का मज़बूत गढ़ है। यहां कांग्रेस ने बिदिशा नाग को मैदान में उतारकर मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश की है। विपक्ष इस सीट पर प्रशासन में अपारदर्शिता और समान नागरिक संहिता (UCC) के ‘अधूरे वादों’ को मुद्दा बना रहा है। गौरतलब है कि सरमा यहां से 2001 से लगातार जीतते आ रहे हैं।
नाजिरा और शिवसागर में गढ़ बचाने की जद्दोजहद
नाजिरा में कांग्रेस के देबब्रत सैकिया अपनी पारिवारिक सीट बचाने के लिए भाजपा के मयूर बोर्गोहैन से भिड़ रहे हैं। सैकिया के पिता हितेश्वर सैकिया और माता हेमप्रभा सैकिया भी यहां से प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
शिवसागर में रायजोर दल के अखिल गोगोई अपनी सीट बचाने की कोशिश में हैं। उनका मुकाबला एनडीए के प्रदीप हजारिका और पूर्व उल्फा (ULFA) सदस्य कुशल दोवारी से है। गोगोई ने 2021 में जेल में रहते हुए यहाँ से ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी।
असम में मतदान का गणित
राज्य के 35 जिलों में फैले 31,490 मतदान केंद्रों पर सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक वोट डाले जाएंगे। कुल 2.50 करोड़ पात्र मतदाताओं में 1.25 करोड़ महिलाएं शामिल हैं। चुनाव मैदान में कुल 722 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
कौन कितनी सीटों पर लड़ रहा चुनाव?
कांग्रेस ने सबसे अधिक 99 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है, जबकि भाजपा 90 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। गठबंधन सहयोगियों में असम गण परिषद (AGP) 26 और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) 11 सीटों पर है। वहीं AIUDF 30 सीटों पर अपनी ताकत दिखा रही है। इसके अलावा राइजोर दल, आप और तृणमूल कांग्रेस जैसे दल भी चुनावी मैदान में ताल ठोक रहे हैं।



