इज़रायल और लेबनान के बीच तनाव एक बार फिर तेज़ हो गया है। Israel Defense Forces (IDF) ने दावा किया है कि उसने लेबनान में Hezbollah के ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमले किए हैं, जिनमें संगठन के शीर्ष नेतृत्व से जुड़े एक अहम व्यक्ति को मार गिराया गया।
हिज़्बुल्लाह चीफ के करीबी के मारे जाने का दावा
आईडीएफ के अनुसार, उसने नईम क़ासिम के पर्सनल सेक्रेटरी और उनके रिश्तेदार अली यूसुफ़ हार्शी को मार गिराया है।
इज़रायल का कहना है कि यह कार्रवाई हिज़्बुल्लाह के नेटवर्क को कमजोर करने के उद्देश्य से की गई है।
हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।
लितानी नदी के पुलों पर भी हमला
हमलों के दौरान इज़रायल ने लितानी नदी पर बने दो महत्वपूर्ण पुलों को भी निशाना बनाया।
यह क्षेत्र रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जाता है, क्योंकि यह दक्षिणी लेबनान को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ता है।
हाल के हफ्तों में इस इलाके पर लगातार हमले हो रहे हैं, जिससे दक्षिणी लेबनान काफी हद तक अलग-थलग पड़ता जा रहा है।
युद्धविराम को लेकर भ्रम की स्थिति
इस घटनाक्रम के बीच युद्धविराम को लेकर भी अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं।
जहां एक ओर शहबाज़ शरीफ़ ने कहा कि लेबनान पर भी युद्धविराम लागू होगा, वहीं इज़रायल ने साफ कर दिया है कि लेबनान इस समझौते का हिस्सा नहीं है।
इस विरोधाभास ने क्षेत्र में स्थिति को और जटिल बना दिया है।
मध्य-पूर्व में बढ़ता तनाव
इज़रायल और हिज़्बुल्लाह के बीच जारी संघर्ष पहले से ही व्यापक क्षेत्रीय तनाव का हिस्सा है, जिसमें मध्य-पूर्व के कई देश और शक्तियां अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि लेबनान में बढ़ती सैन्य कार्रवाई से हाल ही में घोषित संघर्षविराम पर असर पड़ सकता है और हालात फिर से बिगड़ सकते हैं। इज़रायल के ताज़ा हमलों और हिज़्बुल्लाह के खिलाफ की गई कार्रवाई से यह साफ है कि क्षेत्र में शांति अभी दूर है। युद्धविराम को लेकर असमंजस और लगातार हो रही सैन्य कार्रवाई इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।



