गुजरात मॉडल से बढ़ेगी लो-कॉस्ट डिपॉजिट और ग्रामीण क्रेडिट क्षमता

अर्थ सम्मेलन 2025 में अमित शाह ने सहकार सारथी की 13 से अधिक डिजिटल सेवाओं की शुरुआत की। सहकारिता विस्तार, ग्रामीण विकास, तकनीक आधारित बैंकिंग और जैविक अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने पर किया बड़ा ऐलान।

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नई दिल्ली। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर में आयोजित अर्थ समिट 2025 का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने सहकार सारथी की 13 से अधिक डिजिटल सेवाओं और नए प्रोडक्ट्स की शुरुआत की। इनमें Digi KCC, Campaign Sarathi, Cooperative Governance Index, ePACS, वर्ल्ड्स लार्जेस्ट ग्रेन स्टोरेज एप्लिकेशन और शिक्षा सारथी जैसे महत्वपूर्ण डिजिटल टूल शामिल हैं। कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, विधानसभा अध्यक्ष शंकर चौधरी और नाबार्ड के चेयरमैन शाजी के वी सहित कई प्रमुख व्यक्तित्व मौजूद रहे।

ग्रामीण विकास को नई दिशा देने वाला मंच

अमित शाह ने कहा कि अर्थ समिट ग्रामीण भारत की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाला एक महत्वपूर्ण मंच बन चुका है। उन्होंने बताया कि देशभर में आयोजित की जा रही इन तीन सम्मिटों का उद्देश्य ग्रामीण विकास से जुड़े बड़े मुद्दों का समाधान तैयार करना है, जिनका अंतिम स्वरूप अगले वर्ष दिल्ली में प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गांधी जी के ग्राम स्वराज के सिद्धांत को आधुनिक रूप में जमीन पर उतार रहे हैं और ग्रामीण विकास को राष्ट्रीय विकास की धुरी बनाया गया है।

हर पंचायत में पीएसीएस खोलने का लक्ष्य

अमित शाह ने कहा कि सरकार ने यह लक्ष्य तय किया है कि देश की हर पंचायत में एक सहकारी संस्था यानी PACS खोली जाएगी। इसके साथ ही 50 करोड़ से अधिक लोगों को सहकारिता से जोड़ने और सहकारिता के GDP योगदान को तीन गुना बढ़ाने पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसा होने पर कोई भी ग्रामीण नागरिक, चाहे वह किसान हो या पशुपालन करने वाली महिला, विकास की प्रक्रिया से पीछे नहीं रहेगा।

गुजरात का सहकारी मॉडल पूरे देश में लागू होगा

उन्होंने गुजरात में लागू Cooperation Among Cooperatives मॉडल का उल्लेख करते हुए कहा कि इस मॉडल से राज्य में हजारों करोड़ रुपये की लो-कॉस्ट डिपॉजिट बढ़ी हैं और कोऑपरेटिव सेक्टर की क्रेडिट क्षमता पांच गुना बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। जल्द ही इसे पूरे देश में लागू करने की तैयारी है। उन्होंने बताया कि सहकारिता के माध्यम से मार्केट, डेयरियां, PACS और जिला स्तरीय संस्थाओं को एकीकृत किया गया है, जिससे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को अधिकतम सहायता मिल सके।

तकनीक से बदल रहा सहकारिता तंत्र

अमित शाह ने कहा कि टेक्नोलॉजी के बिना सहकारिता को आधुनिक रूप देना संभव नहीं है। नाबार्ड द्वारा विकसित सहकार सारथी प्लेटफॉर्म सभी ग्रामीण बैंकों को 13 से ज्यादा डिजिटल सेवाएं प्रदान करेगा, जिससे ग्रामीण बैंकिंग पूरी तरह तकनीक आधारित हो जाएगी। इससे डिस्बर्समेंट, वसूली, KYC, लीगल डॉक्युमेंटेशन, वेबसाइट निर्माण और रियल-टाइम ट्रैकिंग सिस्टम जैसे कार्य सरल और तेज़ होंगे। उन्होंने कहा कि जल्द ही e-KCC रखने वाला किसान अंतरराष्ट्रीय स्तर की डिजिटल सुविधाएं प्राप्त करेगा।

नए सहकारी विस्तार की तैयारी

उन्होंने बताया कि सहकारी डेटा के आधार पर देश में जहां आवश्यकता है, वहां नई संस्थाओं के विस्तार की योजना तैयार की जा रही है। इसी तरह, डेयरी सेक्टर में गुजरात द्वारा स्थापित सर्कुलर इकोनॉमी मॉडल को पूरे देश में लागू किया जाएगा। इससे स्थानीय उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आमदनी में वृद्धि होगी।

जैविक उत्पादों के लिए राष्ट्रीय प्रयोगशाला श्रृंखला

अमित शाह ने कहा कि भारत ऑर्गेनिक्स और अमूल ऑर्गेनिक्स के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर ऑर्गेनिक लैब चेन बन रही है। 40 से अधिक ऑर्गेनिक उत्पाद ऑनलाइन उपलब्ध हैं। 2035 तक भारत की ऑर्गेनिक मार्केट हिस्सेदारी बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि बहुराज्यीय कोऑपरेटिव्स किसानों से उत्पाद खरीदकर टेस्टिंग के बाद वैश्विक बाजार तक पहुंचाएंगे, जिससे लाभ सीधे किसानों को मिलेगा।

सहकारी टैक्सी सेवा की शुरुआत

सहकारी टैक्सी सेवा की शुरुआत का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि ट्रायल फेज में ही 51,000 ड्राइवर रजिस्टर्ड हो चुके हैं और आने वाले समय में यह देश की सबसे बड़ी सहकारी टैक्सी सेवा बनेगी। इसी तरह हेल्थ, लाइफ, कृषि और दुर्घटना बीमा को भी सहकारी मॉडल पर शुरू किया जाएगा।

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कार्यक्रम के अंत में अमित शाह ने कहा कि सहकारिता एक ऐसा वृक्ष है जिसकी जड़ें सबके हित में हैं और जिसकी शाखाएं लाखों लोगों की आजीविका से जुड़ी हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि अर्थ समिट के विमर्श और समाधानों से ग्रामीण भारत के विकास का एक मजबूत ढांचा तैयार होगा।

Sandeep Kumar

sandeepx4a@gmail.com

संदीप कुमार एक अनुभवी वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें समाचार जगत में 14 साल से ज्यादा काम किया है। इन्हें गहन शोध, सटीक रिपोर्टिंग और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए जाना जाता है। उन्होंने ETV Bharat, Hyderabad में साढ़े पाँच वर्षों तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और राष्ट्रीय से लेकर क्षेत्रीय स्तर तक कई अहम खबरों को प्रभावशाली अंदाज में प्रस्तुत किया। इसके साथ ही उन्होंने Network 10, TOTAL News, MH1 समेत कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी अपनी पत्रकारिता का कौशल साबित किया। राजनीति, राष्ट्रीय सुरक्षा, समाज और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों पर पकड़ मजबूत है। इस समय newG india में कार्यरत हैं।

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