नई दिल्ली। भारत सरकार के डाक विभाग और रूस की जेएससी रूस पोस्ट ने अंतरराष्ट्रीय ई-कॉमर्स को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता इंटरनेशनल ट्रैक्ड पैकेट सर्विस (आईटीपीएस) के माध्यम से सीमा पार डाक सहयोग को मजबूत करेगा और दोनों देशों के बीच ई-कॉमर्स व्यापार को आसान बनाएगा।
योग्य और विश्वसनीय लॉजिस्टिक्स चैनल बनाया जाएगा
आईटीपीएस सेवा के तहत कम मूल्य वाली खेपों के लिए एक किफायती, ट्रैक करने योग्य और विश्वसनीय लॉजिस्टिक्स चैनल तैयार होगा। इसमें इलेक्ट्रॉनिक डेटा ट्रांसमिशन, एंड-टू-एंड ट्रैकिंग और डिलीवरी की पुष्टि शामिल होगी, जिससे पारदर्शिता, सुरक्षा और सीमा शुल्क निकासी में आसानी होगी।
भारत-रूस व्यापार को बढ़ावा मिलेगा
रूस भारतीय उत्पादों के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार बनता जा रहा है। इस समझौते के तहत रूसी पोस्ट भारतीय विक्रेताओं को तरजीही डिलीवरी दरें प्रदान करेगा, जिससे उनके उत्पाद प्रतिस्पर्धात्मक कीमतों पर बाजार में उपलब्ध होंगे और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
भारत में 1,013 डाक घर निर्यात केंद्र स्थापित
छोटे व्यवसायों और उद्यमियों के लिए भारत में 1,013 डाक घर निर्यात केंद्र (डीएनके) स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों से होने वाले अधिकांश निर्यात छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों से आता है, जिससे एमएसएमई, कारीगर, स्टार्टअप और ग्रामीण उद्यमियों को वैश्विक बाजार में शामिल होने का अवसर मिलता है।
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आईटीपीएस की शुरुआत से इन छोटे उद्यमियों को रूस के ई-मार्केटप्लेस पर अपने उत्पाद बेचने में मदद मिलेगी। यह समझौता भारत और रूस की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो डिजिटल वाणिज्य, द्विपक्षीय व्यापार और डाक व लॉजिस्टिक्स सहयोग को मजबूत करेगा।



