नई दिल्ली: भारत में क्वांटम टेक्नोलॉजी का इकोसिस्टम तैयार करने के लिए C-DOT ने आंध्र प्रदेश सरकार के साथ एक MoU साइन किया है। यह समझौता अमरावती क्वांटम वैली (AQV) इनिशिएटिव का हिस्सा है। इसके साथ C-DOT अब अमरावती में क्वांटम कम्युनिकेशन और सिक्योरिटी सॉल्यूशंस के लिए एक Centre of Excellence (CoE) स्थापित करेगा। जहां क्वांटम सिक्योरिटी, क्वांटम कम्युनिकेशन, और प्राइवेसी एनहांसमेंट टेक्नोलॉजीज़ (PETs) पर रिसर्च और डेवलपमेंट होगा।
अभी देश में कई जगहों पर क्वांटम सिक्योरिटी सॉल्यूशंस
C-DOT पहले से ही देश में कई जगहों पर क्वांटम सिक्योरिटी सॉल्यूशंस इंस्टॉल कर चुका है, जिनमें सरकारी और निजी विश्वविद्यालय, R&D लैब्स और वास्तविक नेटवर्क शामिल हैं। अब यह अनुभव अमरावती क्वांटम वैली में नए स्टार्टअप्स और रिसर्चर्स को ट्रेनिंग और टेक्निकल सपोर्ट देने में काम आएगा।
नेशनल क्वांटम मिशन (NQM) को मिलेगा बढ़ावा
इस पहल से नेशनल क्वांटम मिशन (NQM) के तहत देश में क्वांटम टेक्नोलॉजी को बढ़ावा मिलेगा और डिजिटल डेटा सुरक्षा को और मजबूत किया जाएगा। साथ ही, क्वांटम सिस्टम्स के किफायती कॉम्पोनेंट्स का विकास और एक इंटीग्रेटेड टेस्टबेड भी बनाया जाएगा।
नेशनल क्वांटम मिशन (NQM) के बारे में
यह भारत सरकार का मिशन है जो क्वांटम टेक्नोलॉजी– जैसे क्वांटम कंप्यूटिंग, क्वांटम कम्युनिकेशन, क्वांटम सेंसर और क्वांटम मटेरियल को देश में विकसित और बढ़ावा देने के लिए चलाया जा रहा है। NQM को 19 अप्रैल 2023 को भारत की कैबिनेट ने मंजूरी दी थी।
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क्वांटम टेक्नोलॉजी क्या है?
क्वांटम टेक्नोलॉजी वह तकनीक है जो क्वांटम फिज़िक्स के सिद्धांतों पर काम करती है। क्वांटम फिज़िक्स छोटे-से-छोटे कणों—जैसे इलेक्ट्रॉन, फोटॉन, परमाणु के व्यवहार को समझने वाली विज्ञान शाखा है।
क्वांटम किसी भौतिक गुण (ऊर्जा, आवेश या कोणीय गति) की वह सबसे छोटी राशि (इकाई) है जो किसी परस्पर क्रिया में शामिल हो सकती है। वर्तमान में किसी परस्पर क्रिया में इससे छोटी राशि संभव नहीं है। उदाहरण के लिए, प्रकाश का क्वांटम एक फोटॉन है और विद्युत् का क्वांटम एक इलेक्ट्रॉन है।



