नई दिल्ली: योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि अनुशासन और निरंतरता का प्रतीक भी है। इसी को साबित करते हुए योग साधक सौरभ बोथरा (Saurabh Bothra) ने एक अनोखा कीर्तिमान स्थापित किया है। उन्होंने लगातार 2000 दिन योगाभ्यास कर छठा विश्व रिकॉर्ड (Yoga World Record) अपने नाम किया।
2000 दिन का सफर
कई लोग दिनचर्या में एक दिन का ब्रेक लेना सामान्य मानते हैं, लेकिन सौरभ बोथरा (Saurabh Bothra) ने इसे चुनौती बना लिया। कामकाज का दबाव हो या व्यक्तिगत जिम्मेदारियां, उन्होंने हर परिस्थिति में योग को प्राथमिकता दी। परिणामस्वरूप, उन्होंने बिना एक भी दिन भूले 2000 दिनों तक योग (2000 Days Yoga Streak) अभ्यास पूरा किया। यह उपलब्धि वर्ल्ड रिकॉर्ड्स यूनियन (World Records Union) द्वारा मान्यता प्राप्त है।
व्यक्तिगत अनुशासन से वैश्विक प्रेरणा
सौरभ का यह रिकॉर्ड केवल व्यक्तिगत समर्पण का उदाहरण नहीं है, बल्कि योग और माइंडफुलनेस को आधुनिक जीवनशैली में शामिल करने की प्रेरणा भी है। उनकी निरंतरता से आज एक वैश्विक कम्युनिटी जुड़ी हुई है। बताया जाता है कि 1 करोड़ से अधिक लोग Habuild प्लेटफॉर्म के माध्यम से योग और स्वस्थ जीवनशैली का हिस्सा बन चुके हैं।
पहले से बने रिकॉर्ड्स
- यह नया रिकॉर्ड सौरभ और उनके प्लेटफॉर्म Habuild के कई वैश्विक कीर्तिमानों में ताजा जुड़ाव है।
- जनवरी 2024 में, यूट्यूब पर योग लाइव स्ट्रीम के लिए सबसे अधिक दर्शक (2,46,252) दर्ज किए गए।
- इसके बाद एक ही दिन में योग लेसन के लिए सबसे अधिक व्यूअरशिप (5,99,162) और सबसे बड़ी वर्चुअल मेडिटेशन क्लास (2,87,711 प्रतिभागी) का रिकॉर्ड हासिल किया।
- 2023 में, वर्ल्ड रिकॉर्ड्स यूनियन ने Habuild को सबसे बड़ी वर्चुअल योग क्लास (1,34,057 प्रतिभागी) का खिताब दिया।
- 2025 में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर सबसे बड़ा सिंक्रोनाइज्ड वर्चुअल योग सत्र हुआ, जिसमें 169 देशों के 7,52,074 लोगों ने भाग लिया।
निरंतरता है असली सुपर पावर
सौरभ बोथरा की यात्रा एक गहरी सीख देती है कि निरंतरता ही किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने की असली कुंजी है। उनकी मान्यता है कि नियमित आदतें न केवल किसी व्यक्ति के जीवन को बदल सकती हैं, बल्कि सामूहिक रूप से पूरी दुनिया में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं। यही कारण है कि Habuild का मिशन एक स्वस्थ और जागरूक दुनिया बनाना है।
लगातार 2000 दिन योग अभ्यास का यह रिकॉर्ड केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि अनुशासन, समर्पण और निरंतरता का जीवंत उदाहरण है। सौरभ बोथरा की यह उपलब्धि लाखों लोगों के लिए प्रेरणा है कि जीवन की भागदौड़ और दबाव के बीच भी यदि इच्छाशक्ति मजबूत हो, तो हर दिन आत्म-विकास और स्वास्थ्य के लिए समय निकाला जा सकता है।



