चुराचांदपुर: साल 2023 में मैतेई और कुकी जनजात के बीच हिंसा भड़कने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली बार मणिपुर के दौरे पर पहुंचे। पीएम चुराचांदपुर और इंफाल में हिंसा से विस्थापित लोगों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कई परियोजनाओं की शुरुआत और शिलान्यास किया है। पीएम ने कहा कि मणिपुर के नाम में ही मणि है। ये वह मणि है जो भविष्य में पूर पूर्वोत्तर को जगमगाने वाला है। मणिपुर में दस्तक दे रही है उम्मीद और विश्वास की नई सुबह। भारत सरकार मणिपुर को विकास के पथ पर आगे ले जाने के लिए प्रयासरत हैं।
मणिपुर हिंसा पर बोले पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा किसी भी स्थान पर विकास के लिए शांति की स्थापना बहुत जरूरी है। बीते ग्यारह वर्षों में नॉर्थ ईस्ट में दशकों से चल रहे अनेक विवाद, अनेक संघर्ष समाप्त हुए हैं। लोगों ने शांति का रास्ता चुना है, विकास को प्राथमिकता दी है। मुझे संतोष है कि हाल ही में, हिल्स और वैली में, अलग-अलग संगठनों के साथ समझौतों के लिए बातचीत की शुरूआत हुई है। ये भारत सरकार के उन प्रयासों का हिस्सा है, जिसमें संवाद, सम्मान और आपसी समझ को महत्व देते हुए शांति की स्थापना के लिए काम किया जा रहा है। मैं सभी संगठनों से अपील करुंगा कि शांति के रास्ते पर आगे बढ़कर अपने सपनों को पूरा करें, अपने बच्चों के भविष्य को सुनिश्चित करें। मैं आज आपसे वादा करते हैं कि मैं आपके साथ हूं, भारत सरकार आपके साथ है, मणिपुर के लोगों के साथ है। मणिपुर में जिंदगी को फिर से पटरी पर लाने के लिए भारत सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। जो बेघर हो गए हैं, ऐसे परिवारों के लिए सात हजार नए घर बनाने के लिए हमारी सरकार मदद दे रही है। हाल में ही करीब तीन हजार करोड़ रुपए का स्पेशल पैकेज भी स्वीकृत किया गया है। विस्थापितों की मदद के लिए 500 करोड़ रुपए का विशेष प्रावधान किया गया है।
मणिपुर हौसलों और हिम्मत की धरती है
मणिपुर की ये धरती हौसलों और हिम्मत की धरती है, ये हिल्स प्रकृति का अनमोल उपहार है और साथ ही ये हिल्स आप सभी लोगों की निरंतर मेहनत का भी प्रतीक है। मैं मणिपुर के लोगों के जज्बे को सलाम करते हैं। इतनी भारी बारिश में भी आप इतनी बड़ी संख्या में यहां आए, मैं आपके इस प्यार के लिए आपका आभार व्यक्त करता हूं। भारी बारिश के कारण मेरा हेलिकॉप्टर नहीं आ पाया, तो मैंने सड़क मार्ग से आना तय किया। आज मैंने सड़क पर जो दृश्य देखे, तो मेरा मन कहता है कि परमात्मा ने अच्छा किया कि मेरा हेलिकॉप्टर आज नहीं चला और मैं रोड़ से आया, और जो रास्ते भर तिरंगा हाथ में लेकर के आबालवृद्ध सबने जो प्यार दिया, जो अपनापन दिया, मेरे जीवन में मैं इस पल को कभी नहीं भूल सकता, मैं मणिपुर वासियों का सर झुकाकर के नमन करता हूं।
यहां की विविधता भारत का सामर्थ्य है
इस क्षेत्र की सांस्कृति और परंपराए, यहां की विविधता और वाइब्रेंसी, भारत का बहुत बड़ा सामर्थ्य है और मणिुपर के तो नाम में ही मणि है। ये वो मणि है, जो आने वाले समय में पूरे नॉर्थ ईस्ट की चमक को बढ़ाने वाली है। भारत सरकार का निरंतर प्रयास रहा है कि मणिपुर को विकास के रास्ते पर तेजी से आगे ले जाएं। इसी कड़ी मैं आज यहां आप सभी के बीच आया हूं। थोड़ी देर पहले इसी मंच से करीब सात हजार करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास हुआ है। ये प्रोजेक्ट्स मणिपुर के लोगों की, यहां हिल्स पर रहने वाले ट्राइबल समाज की जिंदगी को और बेहतर बनाएंगे। ये आपके लिए हेल्थ और एजुकेशन की नई सुविधाओं का निर्माण करेंगे।
मणिपुर में कनेक्टिविटी बड़ी चुनौती रही
मणिपुर, बॉर्डर से सटा राज्य है। यहां पर कनेक्टिविटी, हमेशा से बहुत बड़ी चुनौती रही है। अच्छी सड़कें नहीं होने की वजह से जो परेशानी आती रही है। उसे भलीभांति समझते हैं। इसलिए 2014 के बाद से मेरा बहुत जोर रहा कि मणिपुर की कनेक्टिविटी के लिए लगातार काम किया जाए और इसके लिए भारत सरकार ने दो स्तर पर काम किया। पहला मणिपुर में रेल और रोड का बजट कई गुना बढ़ाया, और दूसरा- शहरों के साथ ही, गांवों तक भी सड़कें पहुंचाने पर जोर लगाया।
एनएच पर 3700 करोड़ खर्च किए
बीते वर्षों में यहां National Highways पर 3700 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं, 8700 करोड़ की लागत से नए Highways पर काम बहुत तेज़ी से चल रहा है। पहले यहां गांवो में पहुंचना कितना मुश्किल था, आप भी जानते हैं। अब सैकड़ों गांवों में यहां रोड कनेक्टिविटी पहुंचाई गई है। इसका बहुत अधिक लाभ पहाड़ी लोगों को, ट्राइबल गांवों को हुआ है।
इंफाल जल्द रेल मार्ग से जुड़ेगा
हमारी सरकार के दौरान ही, मणिपुर में रेल कनेक्टिविटी का विस्तार हो रहा है। जीरीबाम–इंफाल रेलवे लाइन, बहुत जल्द राजधानी इंफाल को national rail network से जोड़ देगी। इस पर सरकार 22 हज़ार करोड़ रुपए खर्च कर रही है। 400 करोड़ की लागत से बना नया इंफाल एयरपोर्ट, air connectivity को नई ऊँचाई दे रहा है। इस एयरपोर्ट से राज्य से दूसरे हिस्सों के लिए Helicopter services भी शुरू की गई हैं। ये बढ़ती हुई कनेक्टिविटी, मणिपुर के आप सभी लोगों की सुविधाएं बढ़ा रही है, यहां के नौजवानों के लिए रोजगार के नए मौके बना रही है।
हर घर में पाइप से पानी आएगा
माताओं-बहनों को पानी के लिए भी बहुत सारी मुश्किलें होती थीं। इसके लिए हमने हर घर नल से जल स्कीम शुरु की। बीते सालों में 15 करोड़ से अधिक देशवासियों को नल से जल की सुविधा मिल चुकी है। मणिपुर में तो 7-8 साल पहले तक सिर्फ 25-30 हजार घरों में ही पाइप से पानी आता था। लेकिन आज यहां साढ़े तीन लाख से अधिक घरों में नल से जल की सुविधा मिल रही है। मुझे विश्वास है कि बहुत जल्द, मणिपुर के हर परिवार के घर में पाइप से पानी आने लगेगा।
मणिपुर की ये धरती, ये क्षेत्र, आशा और उम्मीद की भूमि है। लेकिन दुर्भाग्य से, हिंसा ने इस शानदार इलाके को अपनी चपेट में ले लिया था। थोड़ी देर पहले, मैं उन प्रभावित लोगों से मिला हूं, जो कैंप्स में रह रहे हैं। उनसे बातचीत के बाद मैं कह सकता हूं कि उम्मीद और विश्वास की नई सुबह मणिपुर में दस्तक दे रही है।
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मणिपुर को peace, prosperity और progress का प्रतीक बनाने पर हो रहा काम
पीम ने कहा मणिपुर को peace, prosperity और progress का प्रतीक बनाने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं, मणिपुर के विकास के लिए, विस्थापितों को जल्द से जल्द उचित स्थान पर बसाने के लिए, शांति की स्थापना के लिए, भारत सरकार, यहां मणिपुर सरकार का ऐसे ही सहयोग करती रहेगी। मैं एक बार फिर आप सभी को विकास परियोजनाओं की बहुत-बहुत बधाई देता हूं, और आपने जो प्यार दिया है, जो सम्मान दिया है, इसके लिए मैं मणिपुरवासियों का हृदय से बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं।



