नई दिल्ली: रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin की सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी है, जो उनके विदेशी दौरों के दौरान और भी सतर्क हो जाती है। हाल ही में, 15 अगस्त 2025 को, पुतिन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से अलास्का में मुलाकात की, जहां यूक्रेन युद्ध पर चर्चा हुई। यह 2022 में युद्ध शुरू होने के बाद पुतिन का अमेरिका का पहला दौरा था। लेकिन उनकी सुरक्षा का एक अनोखा पहलू है, जो सुर्खियों में रहता है, क्योंकि वह विदेशी दौरों पर अपना मल-मूत्र भी अपने साथ वापस ले जाते हैं। आइए जानते हैं इस अजीबोगरीब प्रथा के पीछे की वजह।
‘पू सूटकेस’ का रहस्य
जब पुतिन किसी विदेशी दौरे पर जाते हैं, तो उनकी सुरक्षा टीम एक विशेष सूटकेस साथ रखती है, जिसे ‘पू सूटकेस’ कहा जाता है। इस सूटकेस में उनके मल और मूत्र को एकत्र किया जाता है, जिसे बाद में मॉस्को वापस लाया जाता है। यह प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि पुतिन का कोई भी जैविक नमूना विदेशी धरती पर न छूटे। उनकी सुरक्षा टीम पोर्टेबल टॉयलेट का उपयोग करती है, ताकि मल-मूत्र को विशेष पैकेट में सील कर सूटकेस में सुरक्षित रखा जा सके।
क्यों जरूरी है यह सावधानी?
इस अनोखी प्रथा का कारण पुतिन की सेहत और निजी जानकारी को सुरक्षित रखना है। मल और मूत्र के नमूनों से किसी व्यक्ति की शारीरिक स्थिति, बीमारियों, दवाओं, और जीवनशैली के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की जा सकती है। पुतिन नहीं चाहते कि विदेशी खुफिया एजेंसियां या प्रतिद्वंद्वी देश उनके स्वास्थ्य से जुड़ी कोई भी जानकारी हासिल करें। यह सावधानी उनकी गोपनीयता और रणनीतिक सुरक्षा को बनाए रखने का हिस्सा है।
स्वास्थ्य को लेकर उड़ती अफवाहें
पिछले कुछ वर्षों में पुतिन के स्वास्थ्य को लेकर कई अफवाहें सामने आई हैं। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि उन्हें कैंसर, पार्किंसंस, या अन्य गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। हालांकि, इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिर भी, पुतिन अपनी सेहत को लेकर बेहद सतर्क हैं और किसी भी तरह की जानकारी लीक होने से बचने के लिए ऐसे कदम उठाते हैं। उनकी यह रणनीति उनकी रहस्यमयी छवि को और गहरा करती है।
पोर्टेबल टॉयलेट और बॉडीगार्ड्स की भूमिका
पेरिस में 2019 में यूक्रेन समिट के दौरान पुतिन को छह बॉडीगार्ड्स के साथ बाथरूम जाते देखा गया था। इनमें से एक गार्ड का काम था उनके मल-मूत्र को एकत्र करना। ऐसे में इसे विशेष पैकेट में सील कर के सूटकेस में रखा जाता है और फिर रूस वापस भेज दिया जाता है। वहीं, उनकी सुरक्षा टीम पोर्टेबल टॉयलेट का उपयोग करती है, ताकि कोई भी जैविक सामग्री विदेश में न छूटे। यह प्रथा उनकी गोपनीयता और सुरक्षा के प्रति उनकी गंभीरता को दर्शाती है।



