नई दिल्ली। यूक्रेन ने रूस पर अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला करते हुए गुरुवार को करीब एक हजार ड्रोन और चार क्रूज मिसाइलें दागीं। रूस के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इनमें से लगभग 200 ड्रोन राजधानी मॉस्को की ओर बढ़ रहे थे, जिन्हें वायु रक्षा प्रणाली ने मार गिराया। हमले के बाद कई इलाकों में विस्फोट और आग लगने की घटनाएं सामने आईं। इस बीच यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि उनका देश युद्ध नहीं चाहता था, लेकिन यदि यूक्रेन जलता है तो रूस भी इससे अछूता नहीं रहेगा।
रोस्तोव के तेल भंडार केंद्र में विस्फोट
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, हमले में रूस के दक्षिणी रोस्तोव क्षेत्र स्थित एक तेल भंडार केंद्र में भीषण विस्फोट हुआ, जिससे वहां मौजूद एक व्यक्ति की मौत हो गई। मॉस्को की कपोतन्या तेल रिफाइनरी को भी निशाना बनाया गया। विस्फोट के बाद तेल टैंक का ढक्कन कई मीटर ऊपर उछल गया और आसपास के क्षेत्र में काले धुएं का गुबार फैल गया। पास स्थित एक शॉपिंग सेंटर में भी आग लगने की खबर है।
इमारतों को नुकसान, हवाई सेवाएं प्रभावित
ड्रोन के मलबे के कारण कुछ आवासीय और व्यावसायिक इमारतों को नुकसान पहुंचा, जबकि कई ऊंची इमारतों को एहतियातन खाली कराया गया। सुरक्षा कारणों से मॉस्को के हवाई अड्डों पर कुछ समय के लिए उड़ानों का संचालन भी रोक दिया गया।
रूस की कार्रवाई का जवाब बताया
राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि यह हमला पिछले सप्ताह कीव पर रूस द्वारा किए गए हमलों का जवाब है। उनके मुताबिक, यूक्रेनी सेना ने उन ठिकानों को निशाना बनाया जो रूस के सैन्य अभियान को समर्थन दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि रूस युद्ध समाप्त करने के लिए कूटनीतिक रास्ता अपनाए। जेलेंस्की ने इस कार्रवाई के लिए सेना और खुफिया एजेंसियों की सराहना भी की। हमले के समय रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन कजान में दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के नेताओं के साथ एक शिखर बैठक में मौजूद थे।



