नई दिल्ली: 2025 में अमेरिका ने राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 12 देशों अफगानिस्तान, म्यांमार, चाड, कांगो गणराज्य, इक्वेटोरियल गिनी, इरिट्रिया, हैती, ईरान, लीबिया, सोमालिया, सूडान और यमन के नागरिकों पर पूर्ण प्रवेश प्रतिबंध लगा दिया है। इन देशों के लोग अब किसी भी वीजा पर अमेरिका नहीं जा सकते। साथ ही, सात अन्य देशों बुरुंडी, क्यूबा, लाओस, सिएरा लियोन, टोगो, तुर्कमेनिस्तान और वेनेजुएला पर आंशिक प्रतिबंध हैं, जहां कुछ वीजा श्रेणियों पर रोक है। हालांकि, वैध वीजा धारकों और कुछ खास मामलों में छूट दी गई है। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि इन देशों में पहचान जांच प्रणाली कमजोर होने और वीजा उल्लंघन की उच्च दर के कारण यह फैसला लिया गया।
यूएई में नए प्रतिबंधों की चर्चा
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में भी वीजा नियमों को लेकर चर्चा तेज है। कुछ खबरों के अनुसार, यूएई ने अफ्रीका और एशिया के नौ देशों अफगानिस्तान, लीबिया, यमन, सोमालिया, लेबनान, बांग्लादेश, कैमरून, सूडान और युगांडा के लिए नए टूरिस्ट और वर्क वीजा पर अस्थायी रोक लगाई है। यह कदम सुरक्षा चिंताओं, दस्तावेज धोखाधड़ी और अवैध प्रवासन को रोकने के लिए बताया जा रहा है। हालांकि, यूएई सरकार ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की और कुछ दूतावासों ने इसे अफवाह करार दिया। फिर भी, पहले से वैध वीजा वाले लोग यूएई यात्रा कर सकते हैं।
- इसको भी पढ़ें: भारत पर टैरिफ बोझ बढ़ा, Trump प्रशासन ने दिए सख्त संकेत
यात्रा प्रतिबंधों के पीछे का सच
दुनियाभर में देश अपनी सीमाओं को सुरक्षित करने के लिए सख्त कदम उठा रहे हैं। सुरक्षा जोखिम, अनियंत्रित प्रवासन और स्वास्थ्य चुनौतियां इन प्रतिबंधों के मुख्य कारण हैं। महामारी के बाद से कई देशों ने अपनी नीतियां और सख्त की हैं। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी देश की यात्रा से पहले आधिकारिक वीजा दिशानिर्देशों की जांच करें। ये बदलाव वैश्विक यात्रा को और जटिल बना सकते हैं।



