नई दिल्ली: वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने 20-22 नवंबर को इजरायल की यात्रा पूरी की जिसमें भारत-इजरायल मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के लिए औपचारिक दस्तावेज पर हस्ताक्षर हुए। यात्रा का सबसे बड़ा ऐलान रहा भारत-इजरायल फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के लिए ‘टर्म्स ऑफ रेफरेंस’ पर हस्ताक्षर। इजरायल के अर्थव्यवस्था मंत्री नीर बरकात के साथ बैठक में मंत्री ने कहा कि अब बातचीत व्यवस्थित और तेज गति से चलेगी ताकि दोनों देशों को फायदा पहुंचे। दोनों मंत्रियों ने इसे जल्द पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
इजरायल में भारतीय मजदूरों और कंपनियों को बड़ा मौका
वित्त मंत्री बेजालेल स्मोत्रिच से बातचीत में इजरायल में बुनियादी ढांचा और खनन के बड़े प्रोजेक्ट में भारतीय कंपनियों को हिस्सा देने और भारतीय कामगारों की जरूरत पर सहमति बनी। इजरायल में फिलहाल हजारों भारतीय कामगार पहले से काम कर रहे हैं, अब यह संख्या और बढ़ेगी।
खेती और पानी के क्षेत्र में इजरायल की तकनीक भारत आएगी
कृषि मंत्री अवी डिच्टर से मुलाकात में इजरायल की विश्व प्रसिद्ध ड्रिप सिंचाई, बीज सुधार और इस्तेमाल किए पानी को दोबारा खेती में इस्तेमाल करने की तकनीक को भारत में बड़े पैमाने पर लाने पर चर्चा हुई। गोयल जी ने कहा कि ये तकनीकें हमारे किसानों के लिए गेम-चेंजर साबित होंगी।
250 से ज्यादा B2B मीटिंग, CEO फोरम में भारी उत्साह
भारत-इजरायल बिजनेस फोरम और CEO फोरम में दोनों देशों के सैकड़ों बड़े उद्योगपति शामिल हुए। साइबर सिक्योरिटी (चेक पॉइंट), पानी शुद्धिकरण (IDE टेक्नोलॉजी), मेट्रो प्रोजेक्ट (NTA), ड्रिप सिंचाई (नेटाफिम) जैसी कंपनियों से सीधे बातचीत हुई। मंत्री ने कहा कि इजरायल की टेक्नोलॉजी और भारत का बड़ा बाजार मिलकर दुनिया में नंबर-1 बन सकते हैं।
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से मुलाकात, रणनीतिक संबंधों को बल
अंतिम दिन मंत्री ने इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने रक्षा, अंतरिक्ष, क्वांटम कंप्यूटिंग, फिनटेक और फार्मा क्षेत्र में सहयोग को और गहरा करने की इच्छा जताई।
इजरायल के इनोवेशन का दीदार
मंत्री ने पेरेस सेंटर फॉर पीस एंड इनोवेशन गए, मोबाइलआई की सेल्फ-ड्राइविंग कार का डेमो देखा और किबुत्ज रामत राहेल में सामुदायिक खेती का मॉडल समझा। भारतीय व्यापारी प्रतिनिधिमंडल ने भी अस्पताल, साइबर सेंटर और खेतों का दौरा किया।
हीरा कारोबार और भारतीय समुदाय से भी मिले
हीरा व्यापार में दोनों देशों के पुराने रिश्ते को और मजबूत करने की बात हुई। तेल अवीव में भारतीय समुदाय के स्वागत समारोह में सैकड़ों लोग शामिल हुए। तीन दिन की इस यात्रा ने साफ कर दिया कि भारत-इजरायल संबंध अब सिर्फ दोस्ती नहीं, बल्कि रणनीतिक और आर्थिक ताकत का गठजोड़ बन चुके हैं।



