नई दिल्ली। पाकिस्तान के क्वेटा शहर में स्थित सेना मुख्यालय में आज, 30 सितंबर को बड़ा धमाका हुआ है। पूर्वी क्वेटा के फ्रंटियर कॉर्प्स मुख्यालय के पास पहले भयंकर धमाका हुआ, इसके बाद अचानक गोलीबारी शुरू हो गई। जोरदार विस्फोट की आवाज मॉडल टाउन समेत आसपास के इलाके में सुनाई दी। यह इलाका संवेदनशील माना जाता है। धमाके के कारण आस-पास मौजूद घरों की खिड़कियां टूट गईं। इस हादसे में अब तक 10 की मौत की खबर सामने आई है। 30 लोग घायल हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पतालमें भर्ती कराया गया है।
इमरजेंसी की घोषणा
विस्फोट के बाद बलूचिस्तान के हेल्थ मिनिस्टर बख्त मुहम्मद काकर और स्वास्थ्य सचिव मुजीब-उर-रहमान ने क्वेटा सिविल अस्पताल, बीएमसी अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर में इमरजेंसी का ऐलान कर दिया है। सभी डॉक्टरों, सलाहकारों, फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ को ड्यूटी पर लगा दिया गया है।
अफरातफरी का माहौल
धमाके के बाद शहर में अफरातफरी का माहौल बन गया। लोग सुरक्षित स्थान पर भागने लगे। घटनास्थल से उठते धुएं के गुबार ने पूरे इलाके को ढक लिया। फिलहाल सुरक्षा बलों ने मौके को घेर लिया है और इलाके में कॉम्बिंग ऑपरेशन तथा रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। अभी तक धमाके के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, लेकिन शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक धमाका बेहद तेज था। धमाके के बाद प्रशासन और राहत एजेंसियां अलर्ट मोड में आ गई हैं। घटनास्थल की घेराबंदी कर दी गई है और आम लोगों को वहां जाने से रोक दिया गया है।
चरमपंथी गतिविधियों का गढ़ क्वेटा
बलूचिस्तान प्रान्त की राजधानी क्वेटा लंबे समय से चरमपंथी हिंसा और आतंकी गतिविधियों का केंद्र रहा है। इस क्षेत्र में लश्कर-ए-झंगवी (LeJ), इस्लामिक स्टेट खोरासान प्रोविंस (ISKP), और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) जैसे संगठनों की सक्रियता दर्ज की गई है। हालिया दिनों में बलूच अलगाववादी गुटों की ओर से भी हिंसक घटनाएं बढ़ी हैं। फिलहाल इस धमाके की जिम्मेदारी किसी भी संगठन ने नहीं ली है।



