परमाणु ऊर्जा से चलने वाला ‘पोसीडान तारपीडो’ बना रूस की नई ढाल

रूस ने परमाणु ऊर्जा से चलने वाले पोसीडान सुपर तारपीडो का सफल परीक्षण किया है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इसे देश की बड़ी उपलब्धि बताते हुए इसे रणनीतिक शक्ति का नया प्रतीक कहा। 

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नई दिल्ली: रूस ने एक बार फिर अपनी सैन्य तकनीक से दुनिया का ध्यान खींच लिया है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) ने बुधवार को घोषणा की कि देश ने परमाणु शक्ति से संचालित पोसीडान सुपर तारपीडो (Poseidon Super Torpedo) का सफल परीक्षण किया है। पुतिन ने इसे रूस की “महान उपलब्धि” बताया और कहा कि यह तकनीक देश की समुद्री सुरक्षा को एक नए स्तर पर ले जाएगी।

पानी के भीतर 10,000 किलोमीटर की रेंज

रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह तारपीडो 20 मीटर लंबा और लगभग 100 टन वजनी है। यह पानी के भीतर 10,000 किलोमीटर की दूरी तय कर सकता है और इसकी रफ्तार 185 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इस परीक्षण (Nuclear-Powered Weapon) के दौरान इसे एक पनडुब्बी से छोड़ा गया, जिसने निर्धारित दूरी पर लक्ष्य को सटीक रूप से भेदा। पुतिन ने कहा कि “पोसीडान को ट्रैक कर पाना असंभव होगा,” जो इसे दुनिया के सबसे खतरनाक समुद्री हथियारों में शामिल करता है।

समुद्र में रेडिएशन फैलने की आशंका

सैन्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि परमाणु ऊर्जा से चलने वाले ऐसे हथियारों से समुद्र में रेडियोधर्मी प्रदूषण का खतरा बढ़ सकता है। उनका मानना है कि यदि इस तरह के हथियारों का अत्यधिक उपयोग हुआ तो यह समुद्री जीवों और तटीय इलाकों के लिए विनाशकारी साबित हो सकता है।

सरमट मिसाइल भी होगी सेना में शामिल

पुतिन ने इस मौके पर बताया कि जल्द ही रूस अपनी नई इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल ‘सरमट’ को भी सेना में शामिल करेगा। यह मिसाइल इतनी ताकतवर है कि “दुनिया के किसी देश के पास इसकी बराबरी करने वाला हथियार नहीं है।” हाल ही में रूस ने बुरेवेस्तनिक नाम की परमाणु ऊर्जा से चलने वाली क्रूज़ मिसाइल का परीक्षण भी किया था, जिससे अमेरिका और पश्चिमी देशों में हलचल मच गई थी।

पश्चिमी देशों को मिला सख्त संदेश

रूसी रणनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ ही दिनों में बुरेवेस्तनिक और पोसीडान दोनों के परीक्षण करके रूस ने अमेरिका और पश्चिमी देशों को यह संदेश दिया है कि वह यूक्रेन युद्ध को लेकर किसी दबाव में नहीं आने वाला। पुतिन के अनुसार, रूस अपनी रक्षा क्षमता को “अभेद्य” बनाने के मिशन पर है।

बढ़ सकती है हथियारों की नई दौड़

विश्लेषकों का मानना है कि रूस के इन परीक्षणों से एक बार फिर वैश्विक हथियारों की दौड़ शुरू होने का खतरा बढ़ गया है। 2018 में ही पुतिन ने पोसीडान और बुरेवेस्तनिक परियोजनाओं की घोषणा की थी और अब उनके अंतिम परीक्षणों ने दुनिया भर में चिंता पैदा कर दी है।

ट्रंप ने साधा था निशाना

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में रूस के मिसाइल परीक्षण पर तंज कसते हुए कहा था कि “रूस को मिसाइलें बनाने के बजाय यूक्रेन में युद्ध खत्म करने पर ध्यान देना चाहिए।” हालांकि रूस ने अपने समुद्री और हवाई परीक्षणों से यह स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी भी चुनौती का जवाब सैन्य शक्ति से देने के लिए तैयार है।

पोसीडान सुपर तारपीडो का सफल परीक्षण रूस की रक्षा क्षमता में बड़ा कदम माना जा रहा है, लेकिन इससे वैश्विक स्तर पर सुरक्षा संतुलन बिगड़ने की आशंका भी बढ़ गई है। दुनिया अब इस बात पर नज़र रखे हुए है कि क्या यह परीक्षण नए शीत युद्ध की शुरुआत का संकेत है।

Usha Mehta

ushamehta0013@gmail.com

NewG India का सबसे युवा चेहरा, दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की। ग्रेजुएशन के बाद IGNOU और ABP न्यूज़ नेटवर्क जैसे संस्थानों में इंटर्नशिप की। सोशल और कॉमर्स विषयों की गहरी समझ हैं कलम के साथ आवाज में भी धार हैं। NewG India में बतौर कंटेंट डेवलपर व एंकर अपनी जिम्मेदारी उषा मेहता बखूबी निभा रही हैं ।

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