नई दिल्ली: कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने 10,000 किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) योजना की सफलता को मनाने के लिए राष्ट्रीय एफपीओ समागम 2025 का आयोजन कर रहा है। यह दो दिवसीय कार्यक्रम 30-31 अक्टूबर को एनसीडीसी और एनसीयूआई कॉम्प्लेक्स, हौज खास, नई दिल्ली में होगा।
24 राज्यों के 500 से ज्यादा किसान होंगे शामिल
इस समागम में 24 राज्यों और 140 जिलों से आए 500 से ज्यादा किसान हिस्सा लेंगे। साथ ही, कार्यान्वयन एजेंसियां (आईए), क्लस्टर-आधारित बिजनेस संगठन (सीबीबीओ) और प्रगतिशील एफपीओ भी मौजूद रहेंगे। 267 एफपीओ अपने उत्पाद और नवाचार प्रदर्शनी स्टॉल के जरिए पेश करेंगे।
विविध उत्पादों की प्रदर्शनी
एनसीडीसी परिसर में 57 एफपीओ स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां अनाज, दाल, बाजरा, मसाले, तिलहन, फल, सब्जियां, शहद, चाय, कॉफी, डेयरी और जैविक उत्पादों की बिक्री होगी। इसके अलावा अचार, जैम, गुड़, हर्बल उत्पाद, नट्स और पारंपरिक खाद्य पदार्थ भी दिखेंगे। यह “एक भारत-एक कृषि” की भावना को दर्शाएगा, जो क्षेत्रीय विविधता को एकजुट कर बाजार-आधारित अर्थव्यवस्था बनाएगा।
तकनीकी सत्र और चर्चा
समागम में तेल उत्पादन, जल उपयोग दक्षता (अर्चना वर्मा, एनडब्ल्यूएम), प्राकृतिक खेती (एनएमएनएफ), कृषि बुनियादी ढांचा कोष (एआईएफ), शहद उत्पादन (एनबीबी), डिजिटल वाणिज्य (फ्लिपकार्ट), उर्वरक प्रबंधन (एचआईएल), एगमार्क प्रमाणन (डीएमआई) और बीज उत्पादन (एनएससी) जैसे विषयों पर सत्र होंगे। खरीददार-विक्रेता मुलाकात से नए व्यापारिक अवसर भी बनेंगे।
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पुरस्कार और बाजार से जोड़
उत्कृष्ट एफपीओ, सीबीबीओ और कार्यान्वयन एजेंसियों को उनके प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया जाएगा। यह समागम ग्रामीण उद्यमियों के लिए बाजार से जुड़ने का मौका देगा।
किसानों को सशक्त करने का प्रयास
यह कार्यक्रम किसान उद्यमशीलता को बढ़ावा देगा और डिजिटल समावेश, सतत व्यवसाय वृद्धि को प्रोत्साहित करेगा। सरकार का लक्ष्य किसानों को उत्पादक, प्रदाता और भागीदार बनाना है।



