नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गाजा पीस समिट में शामिल होने के लिए न्योता मिला है। मिस्र के राष्ट्रपति फराह अल सिसी ने पीएम मोदी को समझौते पर हस्ताक्षर के लिए निमंत्रण भेजा है। यह शिखर सम्मलेन मिस्र के शर्म अल शेख शहर में आयोजित किया गया है। यह शहर अंतर्राष्ट्रीय बैठकों के लिए प्रसिद्ध है। कार्यक्रम में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दुनिया समेत दुनिया भर के 20 नेता शामिल होंगे।
अंतिम समय में न्योता
अमेरिका और इजिप्ट की तरफ से पीएम मोदी को यह न्योता अंतिम समय में दिया गया है, क्योंकि इस सम्मेलन का आयोजन कल यानी सोमवार को ही है। भारत ने पहले ही पुष्टि कर दी है कि विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए मिस्र जाएंगे। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि प्रधानमंत्री मोदी भी मिस्र जाएंगे या नहीं। भारत ने हमेशा शांति और संयम का समर्थन किया है। भारत के इज़राइल और फ़िलिस्तीन दोनों के साथ अच्छे संबंध हैं। इसलिए, इस शांति प्रक्रिया में भारत की भागीदारी महत्वपूर्ण है।
गाज़ा शांति समझौता क्या है?
गाज़ा में इज़राइल और हमास के बीच लंबे समय से संघर्ष चल रहा है। हज़ारों लोग मारे गए हैं और भारी तबाही हुई है। अब दोनों पक्षों के बीच एक शांति समझौते पर हस्ताक्षर हो रहे हैं।
ये भी पढ़ें-घर पर ही यूके की डिग्री: भारत आ रही हैं ब्रिटेन की टॉप यूनिवर्सिटीज
मोदी का शामिल होने जरूरी क्यों?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस सम्मेलन में शामिल होने के लिए राज़ी हो जाते हैं, तो यह उनके लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलने का एक अवसर हो सकता है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री मोदी के इस कदम को फ़िलिस्तीनी लोगों के लिए एक सकारात्मक संदेश के रूप में भी देखा जा सकता है।



