नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा भारत पर टैरिफ के दबाव के बीच रूस ने पीएम मोदी की जमकर तारीफ़ की है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने तेल खरीद के मुद्दे पर अमेरिका की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका के सामने झुकने वाला नहीं है। पुतिन गुरुवार को सोची शहर में आयोजित वाल्दाई पॉलिसी फोरम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कभी भी कोई ऐसा फैसला नहीं करेंगे, जो भारत की संप्रभुता के खिलाफ हो।
भारतीयों की तारीफ़
फोरम को संबोधित करते हुए पुतिन ने कहा कि अगर रूस के व्यापारिक साझेदारों पर ज़्यादा टैरिफ़ लगाए गए, तो इसका असर दुनिया भर में ऊर्जा की कीमतों पर पड़ेगा। कीमतें बढ़ेंगी, जिससे अमेरिकी फ़ेडरल रिज़र्व को ब्याज दरें ऊंची रखनी पड़ेंगी, जिससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था धीमी हो जाएगी। अगर भारत रूसी तेल खरीदना बंद करेगा तो उसे 9 से 10 अरब डॉलर का नुकसान उठाना पड़ेगा। भारतीय अपने नेताओं के फैसलों पर नजर बनाए रखते हैं। वो कभी नहीं चाहेंगे कि भारत किसी के सामने झुके। रूसी तेल अगर बंद हुआ तो दुनिया भर में तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से भी ऊपर हो जाएगी।
मोदी मेरे मित्र
पुतिन ने मोदी को अपना मित्र बताया और कहा कि वह उनसे पूरे विश्वास के साथ संवाद कर सकते हैं। रूसी राष्ट्रपति ने दिसंबर की शुरुआत में होने वाली अपनी आगामी भारत यात्रा पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने अपनी सरकार को भारत द्वारा कच्चे तेल की बड़े पैमाने पर खरीद से उत्पन्न व्यापार असंतुलन को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाने का भी निर्देश दिया।
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अमेरिका पर तंज
पुतिन ने कहा कि अगर भारत चाहे तो व्यापार असंतुलन को दूर करने के लिए रूस से और अधिक कृषि उत्पाद और दवाइयां खरीद सकता है।अपने भाषण में पुतिन ने अमेरिका पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वह भारत जैसे देशों पर रूसी ऊर्जा न खरीदने का दबाव डालता है, जबकि खुद यूरेनियम के लिए रूस पर निर्भर है। पुतिन ने कहा कि रूस अमेरिका को यूरेनियम की आपूर्ति जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका हमसे यूरेनियम इसलिए खरीदता है क्योंकि इससे उसे लाभ होता है।



