पटना: बिहार विधानसभा चुनाव की दहलीज पर खड़े राज्य में सियासी उफान चरम पर है। जहां एनडीए और महागठबंधन सीट बंटवारे को लेकर माथापच्ची करने में जुटे हैं। वहीं चुनावी रणनीतिकार से राजनेता बने प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने बड़ा ऐलान किया है। पार्टी 4 या 5 अक्टूबर को अपनी उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर सकती है। जन सुराज की लिस्ट से राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। विश्लेषकों का मानना है कि यह पार्टी बड़े गठबंधनों को सीधी चुनौती देगी, जिससे चुनाव रोचक हो जाएगा। जन सुराज बिहार के स्थानीय मुद्दों पर जोर देकर जनता से जुड़ने की कोशिश कर रही है।
पहली सूची में उन सीटों पर फोकस होगा जहां संगठन मजबूत है
जन सुराज के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रशांत किशोर ने हाल ही में संकेत दिया कि पार्टी की पहली सूची में उन सीटों पर फोकस होगा जहां संगठन मजबूत है और जहां उन्होंने अपने दौरों के दौरान विशेष ध्यान दिया था। पार्टी ने पहले सितंबर में सूची जारी करने की योजना बनाई थी, लेकिन आंतरिक तैयारियों और सीट-वार रणनीति बनाने में दो महीने की देरी हो गई। अब किशोर और उनकी टीम का दावा है कि जन सुराज पूरी ताकत के साथ चुनावी मैदान में ताल ठोकने को तैयार है।
सियासी हलचल तेज
बिहार की राजनीति में जन सुराज को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं। एक ओर जहां एनडीए और महागठबंधन के बीच सीट बंटवारे पर माथापच्ची जारी है, वहीं जन सुराज की लिस्ट से यह साफ होगा कि प्रशांत किशोर किन इलाकों में अपनी पकड़ मजबूत मानते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जन सुराज की लिस्ट जारी होने के बाद चुनावी समीकरण और भी दिलचस्प हो जाएंगे, क्योंकि कई सीटों पर यह पार्टी सीधे बड़े गठबंधनों को चुनौती देती दिख सकती है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, जन सुराज बिहार के ग्रामीण और शहरी इलाकों में अपनी जड़ें मजबूत करने पर जोर दे रही है, और उम्मीदवारों का चयन स्थानीय मुद्दों और जनता की अपेक्षाओं के आधार पर किया गया है।



