नई दिल्ली: गाजा पट्टी में Israel और हमास (Israel-Hamas War) के बीच संघर्ष एक बार फिर भीषण दौर में पहुंच गया है। गाजा पट्टी के सबसे बड़े शहर गाजा सिटी (Gaza City clashes) पर कब्जे के लिए इजरायल ने अपना जमीनी अभियान शुरू कर दिया है। मंगलवार-बुधवार की रात इजरायली सेना (Israeli airstrikes Gaza) के टैंक गाजा सिटी की सीमा में दाखिल हुए और गोलाबारी के बीच कई खाली पड़े घर ध्वस्त कर दिए गए। सेना की कार्रवाई के दौरान कई इलाकों में हमास लड़ाकों से सीधा मुकाबला हो रहा है।
गाजा सिटी में टकराव, इजरायली सेना-हमास आमने-सामने
एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली सेना की गीवाती ब्रिगेड (Givati Brigade Israel) और हमास लड़ाकों (Hamas Fighters) के बीच घमासान लड़ाई जारी है। इजरायल ने दावा किया है कि उसने हमास के कई लड़ाकों को मार गिराया और उनके हथियार भंडार को नष्ट कर दिया है।
हमास कमांडर की मौत
इजरायल की वायुसेना ने भी इस अभियान में हिस्सा लिया। हवाई हमले में हमास का बड़ा कमांडर महमूद अल-असौद (Mahmoud al-Asoud killed) मारा गया। यह घटना गाजा में पिछले 22 महीनों से जारी संघर्ष के दौरान अहम मानी जा रही है, क्योंकि अब तक इजरायली सेना गाजा सिटी पर पूर्ण कब्जा नहीं कर पाई थी।
इजरायल की योजना और अंतरराष्ट्रीय निंदा
इजरायल सरकार ने इस महीने की शुरुआत में ही गाजा सिटी पर जमीनी कार्रवाई कर उसे स्थायी कब्जे में लेने की योजना का ऐलान किया था। इस कदम की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना हुई और कई देशों ने चेतावनी दी कि इसका क्षेत्रीय शांति पर गहरा असर पड़ेगा। इसके बावजूद इजरायली सेना ने अभियान को तेज कर दिया है।
गाजा सिटी के सीमावर्ती इलाके खाली
फिलहाल इजरायली सेना गाजा सिटी के सीमावर्ती इलाकों, खासकर एबाद-अलरहमन क्षेत्र में कार्रवाई कर रही है। यहां के अधिकांश नागरिक पहले ही डर के चलते अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। ऐसे में इजरायली सेना और हमास के बीच सीधा संघर्ष हो रहा है।
जमीनी लड़ाई के साथ हवाई बमबारी
जमीनी कार्रवाई के साथ-साथ इजरायल ने हवाई हमले भी तेज कर दिए हैं। गाजा सिटी के अतिरिक्त जबालिया शरणार्थी शिविर को भी निशाना बनाया गया है। हालांकि अंदरूनी हिस्सों में हमास का नियंत्रण अभी भी बरकरार है।
धार्मिक संस्थानों की चिंता
लड़ाई के बीच ग्रीक ऑर्थोडॉक्स पैट्रिआर्क और लैटिन पैट्रिआर्चेट ऑफ यरुशलम ने स्पष्ट किया कि उनके गिरजाघर और उनसे जुड़े लोग गाजा सिटी में ही रहेंगे। वहीं, इजरायली सेना ने नागरिकों से सुरक्षा कारणों से शहर छोड़ने की अपील की है।
विस्थापितों के लिए बड़ी चुनौती
फलस्तीनी और संयुक्त राष्ट्र अधिकारियों के अनुसार, गाजा सिटी से विस्थापित लोगों के लिए करीब 15 लाख टेंटों की आवश्यकता होगी। इजरायल ने शहर छोड़ने वालों के लिए अन्यत्र रहने की व्यवस्था करने का दावा किया है। इस बीच अमेरिका ने आशा जताई है कि वर्ष के अंत तक गाजा संकट का समाधान निकल सकता है।
सीरिया में भी इजरायली हमला
गाजा संघर्ष के समानांतर इजरायल ने बुधवार को सीरिया की राजधानी दमिश्क के उपनगरीय इलाके में ड्रोन हमला किया। इस हमले में सीरियाई सेना के छह सैनिक मारे गए, जबकि कई अन्य घायल हुए। सरकारी अखबार अल-इखबारिया ने इस हमले की पुष्टि की है।
गाजा सिटी में इजरायल का जमीनी अभियान संघर्ष को और तेज कर रहा है। हमास की ओर से कड़ा प्रतिरोध जारी है, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार शांति की अपील कर रहा है। इस लड़ाई का असर न केवल गाजा पट्टी बल्कि पूरे पश्चिम एशिया की स्थिरता पर पड़ सकता है।



