नई दिल्ली: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में कोलन कैंसर (Cancer) यानी बड़ी आंत का कैंसर तेजी से फैल रहा है और अब ये सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं रहा। युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं, वजह है गलत खान-पान, ज्यादा वजन और शराब जैसी आदतें। लेकिन अच्छी खबर ये है कि एक साधारण बदलाव से इस खतरे को काफी कम किया जा सकता है। हाल ही की एक स्टडी बताती है कि अगर आप रोजाना सिर्फ 40-60 ग्राम क्रूसीफेरस सब्जियां जैसे ब्रोकली, फूलगोभी, पत्ता गोभी या ब्रसेल्स स्प्राउट्स खाते हैं, तो कोलन कैंसर का जोखिम 20 से 26 प्रतिशत तक घट सकता है। ये सब्जियां न सिर्फ सस्ती हैं, बल्कि आसानी से मिल जाती हैं, बस इन्हें अपनी थाली में जगह देनी है।
स्टडी में क्या निकला सामने?
यह रिसर्च बीएमसी गैस्ट्रोएंटरोलॉजी जर्नल में 11 अगस्त 2025 को छपी है, जो कई पुरानी स्टडीज का मेटा-एनालिसिस है। इसमें लाखों लोगों के डेटा को खंगाला गया, और पाया गया कि जो लोग इन सब्जियों को सबसे ज्यादा खाते हैं, उनमें कैंसर का खतरा सबसे कम रहता है। खास बात ये कि रोजाना आधा कप जितनी मात्रा (40-60 ग्राम) काफी है – इससे ज्यादा खाने से कोई एक्स्ट्रा फायदा नहीं मिलता। रिसर्चरों ने कम खाने वालों की तुलना में ज्यादा खाने वालों में 17-20% तक कम रिस्क देखा, लेकिन ऑप्टिमम डोज पर 26% तक की कमी। ये नतीजे हमें सोचने पर मजबूर करते हैं कि छोटी-छोटी आदतें कितना बड़ा असर डाल सकती हैं।
ये सब्जियां क्यों हैं Cancer फाइटर?
क्रूसीफेरस फैमिली की ये सब्जियां पोषक तत्वों का खजाना हैं – फाइबर, विटामिन सी, फ्लेवोनॉइड्स और कैरोटीनॉइड्स से भरपूर। लेकिन असली हीरो है सल्फोराफेन नाम का कंपाउंड, जो इनमें मौजूद ग्लूकोसिनोलेट्स से बनता है जब आप इन्हें चबाते या काटते हैं। ये कंपाउंड शरीर से टॉक्सिन्स निकालता है, सूजन कम करता है और कोशिकाओं को रिपेयर करता है, जिससे कैंसर सेल्स बढ़ने नहीं पाते। एक दूसरी स्टडी में पाया गया कि प्लांट-बेस्ड डाइट अपनाने से कोलन कैंसर 46% और रेक्टल कैंसर 73% तक कम हो सकता है। अमेरिकन इंस्टीट्यूट फॉर कैंसर रिसर्च (AICR) भी कहता है कि होल ग्रेन जैसे साबुत अनाज से 17% रिस्क कट सकता है। तो बस, इन सब्जियों को अनाज और फलों के साथ मिलाकर खाएं, और फायदा दोगुना हो जाएगा।
- इसको भी पढ़ें: बढ़ती गर्मी का कहर: दुनिया के 2.4 अरब मजदूरों पर संकट
डेली डाइट में कैसे फिट करें ये सब्जियां?
इन्हें शामिल करना कोई रॉकेट साइंस नहीं है। रोजाना 40-60 ग्राम यानी एक छोटी कटोरी काफी। लेकिन पकाने का तरीका सही रखें – ज्यादा उबालने या तलने से न्यूट्रिएंट्स खराब हो जाते हैं, इसलिए हल्की स्टीमिंग या कच्चा सलाद बेहतर। रेड मीट और प्रोसेस्ड फूड को कम करें, क्योंकि ये रिस्क बढ़ाते हैं। यहां कुछ आसान आइडियाज:
- ब्रेकफास्ट में: उबली ब्रोकली को अंडे के आमलेट या टोस्ट पर डालें, स्वाद के लिए थोड़ा नमक-मिर्च।
- लंच के लिए: पत्ता गोभी का सलाद या रैप बनाएं, इसमें टमाटर और दही मिलाकर।
- डिनर ऑप्शन: फूलगोभी की हल्की स्टर-फ्राई या पास्ता में मिलाएं, साथ में दाल या चिकन अगर नॉन-वेज पसंद हो।
- स्नैक टाइम: ब्रसेल्स स्प्राउट्स को ओवन में रोस्ट करें, जैसे चिप्स की तरह – हेल्दी और क्रंची।



