नई दिल्ली : पाकिस्तान इस समय एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक केंद्र बना हुआ है, जहां अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम वार्ता के लिए उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल पहुंचे हैं। शनिवार को इस्लामाबाद पहुंचे अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची का स्वागत पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने किया। हालांकि, इस स्वागत समारोह में सबसे अधिक चर्चा जनरल मुनीर के बदलते पहनावे की हो रही है, जिसे विशेषज्ञ ‘यूनिफॉर्म डिप्लोमेसी’ का नाम दे रहे हैं।
ईरानी प्रतिनिधिमंडल, जिसमें संसद अध्यक्ष मोहम्मद गालिबफ और विदेश मंत्री शामिल थे, का स्वागत करते समय जनरल मुनीर ‘कॉम्बैट गियर’ (सैन्य वर्दी) में नजर आए। इसके ठीक विपरीत, जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस नूर खान एयरबेस पर उतरे, तो मुनीर ने अपनी वर्दी त्याग कर काला सूट और टाई पहनी हुई थी। सेना प्रमुख के इस रूप परिवर्तन ने भू-राजनीतिक विश्लेषकों को हैरान कर दिया है, क्योंकि प्रोटोकॉल के अनुसार एक सेना प्रमुख को आधिकारिक स्वागत के दौरान वर्दी में होना चाहिए।
अमेरिका को ‘दोस्ती’ और ईरान को ‘ताकत’ का संदेश
विशेषज्ञों का मानना है कि मुनीर का यह कदम बेहद सोचा-समझा था। मेजर जनरल संजय मेस्टन (रिटायर्ड) के अनुसार, सूट पहनकर मुनीर ने वेंस को यह दिखाने की कोशिश की कि वह अमेरिका के लिए एक ‘राजनयिक’ और साझेदार की भूमिका में हैं। वहीं, ईरान के सामने कॉम्बैट यूनिफॉर्म पहनना एक सख्त संदेश था। रक्षा विशेषज्ञ संदीप उन्नीथन का कहना है कि पिछले दिनों ईरान और पाकिस्तान के बीच हुए मिसाइल हमलों के तनाव को देखते हुए, मुनीर ने वर्दी के जरिए ईरान को अपनी सैन्य शक्ति का अहसास कराया है।
Arrival of the US Delegation for Islamabad Talks pic.twitter.com/Hai19EZm4I
— Ministry of Foreign Affairs – Pakistan (@ForeignOfficePk) April 11, 2026
पाकिस्तान में सेना का बढ़ता कद
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर पाकिस्तान में सरकार की कमजोरी और सेना के दबदबे को उजागर किया है। प्रोटोकॉल के अनुसार, विदेशी नेताओं की अगवानी राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री को करनी चाहिए थी, लेकिन मुनीर ही हर जगह ‘पाकिस्तान का चेहरा’ बने रहे। यहाँ तक कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी मुनीर को अपना ‘पसंदीदा फील्ड मार्शल’ कह चुके हैं, जिससे मुनीर का आत्मविश्वास और बढ़ा है।
Arrival of the delegation of the Islamic Republic of Iran for Islamabad Talks pic.twitter.com/aJYU9cx5t2
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पूर्व राजनयिक राजीव डोगरा का कहना है कि अमेरिका पाकिस्तान की दोहरी सत्ता व्यवस्था (हाइब्रिड सिस्टम) को अच्छी तरह समझता है। जेडी वेंस का मुनीर से मिलना और विदेश मंत्री इशाक डार की पीठ थपथपाना यह दर्शाता है कि अमेरिका पाकिस्तान में सत्ता के दोनों केंद्रों रावलपिंडी (सेना) और इस्लामाबाद (सरकार) को एक साथ साधने की कोशिश कर रहा है।



