थ्रेडिंग जान पर भारी, महिला को हुई गंभीर बीमारी

मेडिकल हिस्ट्री में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। थ्रेडिंग के दौरान इस्तेमाल होने वाले धागे से लिवर को गंभीर नुकसान पहुंचा है।

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नई दिल्ली: एक हैरान कर देने वाले मामले में, एक महिला को साधारण थ्रेडिंग करवाने के बाद अपने लिवर को गंभीर नुकसान पहुंचाना पड़ा। डॉक्टरों ने इसका कारण ब्यूटी पार्लर में इस्तेमाल किए गए संक्रमित धागे को बताया है। यह मामला इस बात की चेतावनी है कि थ्रेडिंग जैसी सामान्य प्रक्रिया भी अगर साफ-सफाई के नियमों का पालन किए बिना की जाए, तो हेपेटाइटिस जैसी जानलेवा बीमारियों का कारण बन सकती है। डॉक्टरों ने इस घटना के पीछे पार्लर में इस्तेमाल किए गए धागे को मुख्य कारण बताया है।

लक्षण और निदान: डॉक्टर अदितिज धमीजा ने एक वीडियो में बताया कि एक महिला थकान, जी मिचलाना और पीलिया जैसी समस्याओं के साथ अस्पताल पहुंची। ब्लड टेस्ट के बाद पता चला कि उसका लिवर बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है।

कारण की खोज: आमतौर पर लिवर खराब होने का कारण अत्यधिक शराब या दवाइयों का सेवन माना जाता है। हालांकि, इस महिला के मामले में ऐसा कुछ भी नहीं था। डॉक्टरों ने गहराई से जांच की तो पता चला कि यह समस्या थ्रेडिंग के दौरान हुई एक गलती की वजह से हुई।

थ्रेडिंग का धागा बना वजह: डॉक्टर ने बताया कि महिला जिस पार्लर में थ्रेडिंग करवाती थी, वहां एक ही धागे का इस्तेमाल कई ग्राहकों पर किया जाता था। इस धागे को दोबारा इस्तेमाल करने से पहले साफ या स्टेरलाइज नहीं किया जाता था।

संक्रमित खून से फैलने वाली बीमारी: थ्रेडिंग के दौरान स्किन पर बहुत छोटे-छोटे कट लग सकते हैं। अगर किसी संक्रमित व्यक्ति के कट पर वही धागा इस्तेमाल हो और फिर दूसरे व्यक्ति पर भी इस्तेमाल किया जाए, तो संक्रमित खून से फैलने वाली बीमारियां जैसे हेपेटाइटिस बी, हेपेटाइटिस सी और एचआईवी तक फैल सकती हैं।

डॉक्टर की सलाह

डॉक्टर धमीजा ने लोगों को इस खतरे से आगाह करते हुए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। 

  • स्वच्छता का ध्यान: ऐसे पार्लर में जाने से बचें जहां साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखा जाता।
  • नए धागे का आग्रह: थ्रेडिंग करवाते समय पार्लर वालों से हमेशा नया और अप्रयुक्त धागा इस्तेमाल करने के लिए कहें।
  • लक्षणों पर ध्यान: अगर आपको थ्रेडिंग के बाद थकान, जी मिचलाना, या पीलिया जैसे लक्षण दिखते हैं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और जांच करवाएं। इन बीमारियों के लक्षण दिखने में कई हफ्ते लग सकते हैं।

जागरूकता का उद्देश्य

डॉक्टर का मकसद लोगों को ब्यूटी पार्लर में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की साफ-सफाई के प्रति सचेत करना था। थ्रेडिंग जैसी सामान्य प्रक्रिया को लोग सुरक्षित मानते हैं, लेकिन अगर स्वच्छता का ध्यान न रखा जाए तो यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है।

संक्रमण का तरीका:

यह मामला इस बात पर प्रकाश डालता है कि हेपेटाइटिस बी और सी जैसे रोग केवल ब्लड ट्रांसफ्यूजन या असुरक्षित यौन संबंधों से ही नहीं, बल्कि छोटे-छोटे घावों और दूषित उपकरणों के माध्यम से भी फैल सकते हैं।

संदेश: इस घटना का सार यह है कि ब्यूटी और पर्सनल केयर सेवाओं के लिए ऐसी जगहों का चुनाव करना चाहिए जहां हाइजीन (स्वच्छता) के नियमों का सख्ती से पालन होता हो। एक ही धागे या उपकरण का कई लोगों पर इस्तेमाल करना बहुत खतरनाक हो सकता है।

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