नई दिल्ली: नई जीएसटी दरें 22 सितंबर से लागू हो जाएंगी, इसके साथ ही सरकार ने इसके फायदे गिनाना शुरू कर दिए हैं। सरकार का मानना है सोलर उपकरणों पर 5 प्रतिशत की नई जीएसटी दरें नवीकरणीय ऊर्जा उपकरणों में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है। नई जीएसटी दरें न केवल डिस्कॉम पर बिजली खरीद का बोझ कम करेंगी, बल्कि इससे जनता को भी सस्ते सोलर पैनल मिल सकेंगे। जिससे देश में सतत ऊर्जा के ढांचे में बढ़ोत्तरी होगी।
आम आदमी से लेकर होगा सबको फायदा
सरकार के अनुसार जीएसटी सुधार से घरों के लिए रूफटॉप सोलर सिस्टम ज़्यादा किफ़ायती हो जाएंगे। एक सामान्य 3 किलोवाट का रूफटॉप सिस्टम अब लगभग 9,000-10,500 रुपये सस्ता हो जाएगा, जिससे लाखों परिवारों के लिए सौर ऊर्जा अपनाना आसान हो जाएगा और प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ़्त बिजली योजना के तहत बड़े पैमाने पर इसे अपनाया जा सकेगा।
इसी तरह पीएम-कुसुम योजना के तहत किसानों को भी काफ़ी फ़ायदा होगा। लगभग 2.5 लाख रुपये की लागत वाला 5 एचपी का सोलर पंप अब लगभग 17,500 रुपये सस्ता हो जाएगा। जिससे सिंचाई ज़्यादा किफ़ायती हो जाएगी।
मिलेगा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा
एक अनुमान के अनुसार कम जीएसटी से मॉड्यूल की कॉस्ट में 3-4 प्रतिशत की कमी होगी, जिससे भारत में नवीकरणीय उपकरणों का उत्पादन बढ़ सकता है। भारत का लक्ष्य है 2030 तक 100 गीगावाट सौर ऊर्जा बनाये, अगर यह हो जाता है तो प्रत्येक गीगावाट मैन्युफैक्चरिंग से करीब 5,000 रोज़गार भी पैदा होंगे।
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पर्यावरण को लाभ
अगर भारत 2030 तक लगभग 300 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा का लक्ष्य हासिल कर लेता है तो इससे लगभग 13 लाख टन सीओ₂ की बचत होगी, जो भारत के पेरिस जलवायु समझौते के साथ मेल खाता है। इस तरह सोलर पर उपकरणों पर जीएसटी कटौती पर्यावरण के लिए भी लाभदायक है।



