मुजफ्फरपुर: डाक विभाग के नए सॉफ्टवेयर में तकनीकी खराबी के कारण रक्षाबंधन के अवसर पर मुजफ्फरपुर जिले में 3,000 से अधिक राखी वाले पैकेटों और पत्रों का वितरण नहीं हो सका, जिससे कई भाइयों की कलाई सूनी रह गई।
तकनीकी खराबी बनी बाधा
मुजफ्फरपुर प्रमंडल के प्रवर डाक अधीक्षक रास बिहारी राम ने बताया कि नए सॉफ्टवेयर में प्रत्येक पत्र और पैकेट के लिए एक यूनिक आईडी और ओटीपी जनरेट करने की सुविधा है, लेकिन तकनीकी कारणों से पिछले एक सप्ताह से यह काम नहीं कर पा रहा है। इस वजह से आरएमएस में अटके राखी पैकेटों को प्रधान डाकघर स्थित केंद्रीय वितरण केंद्र नहीं भेजा जा सका।
मैनुअल वितरण से मिली थोड़ी राहत
हालाँकि, इस समस्या के बावजूद, डाक विभाग ने मैनुअल तरीके से वितरण का प्रयास किया। प्रवर डाक अधीक्षक ने बताया कि शुक्रवार और शनिवार को राखी डाक पत्रों और पैकेटों का मैनुअल वितरण करवाया गया। इसके तहत, त्योहार के दिन शनिवार को प्रधान डाकघर के साथ-साथ एमआईटी और रमना के उप डाकघरों से लगभग 478 राखी डाक का वितरण किया गया।
नए सॉफ्टवेयर में सर्वर की समस्या
यह समस्या 2 अगस्त को देश भर के साथ-साथ उत्तर बिहार के 12 डाक प्रमंडलों में एक साथ सॉफ्टवेयर बदलने के बाद शुरू हुई। सोमवार से काम शुरू होने के बाद सर्वर में आई तकनीकी खामियों के कारण बार-बार काम रोकना पड़ा, जिससे वितरण कार्य बुरी तरह प्रभावित हुआ।
गौरतलब है कि डाक विभाग ने हाल ही में अपने पुराने सॉफ्टवेयर को बदलकर एक नया सॉफ्टवेयर सिस्टम लागू किया है। यह बदलाव पूरे देश के साथ-साथ मुजफ्फरपुर और उत्तर बिहार के 12 डाक प्रमंडलों में 2 अगस्त को किया गया था।
लेकिन, इस नए सॉफ्टवेयर में तकनीकी खामियां आ गई हैं, खासकर सर्वर की समस्या। इस वजह से यह ठीक से काम नहीं कर रहा है। नए सिस्टम के तहत हर डाक पैकेट या पत्र के लिए एक यूनिक आईडी और ओटीपी जनरेट होना होता है, ताकि उसका वितरण आसानी से ट्रैक किया जा सके।
यह तकनीकी समस्या पिछले एक हफ्ते से चल रही है, इसलिए डाक विभाग के कर्मचारी राखी जैसे महत्वपूर्ण पैकेटों को भी सही तरीके से ट्रैक और वितरित नहीं कर पा रहे थे। इसी वजह से रक्षाबंधन के मौके पर हजारों राखियां मुजफ्फरपुर के प्रधान डाकघर और आरएमएस (रेलवे मेल सर्विस) में फंसी रह गईं।
- इसको भी पढ़ें: इस बार लोकतंत्र की ‘रक्षा’ का भी बंधन
यह समस्या त्योहार से ठीक पहले सामने आई, जिसके कारण कई भाइयों की कलाई सूनी रह गई, क्योंकि उनकी बहनों द्वारा भेजी गई राखियां उन तक नहीं पहुंच पाईं। डाक विभाग ने इस स्थिति से निपटने के लिए मैनुअल तरीके से कुछ वितरण करने की कोशिश की, लेकिन फिर भी बड़ी संख्या में राखियां अटकी रहीं।नए सॉफ्टवेयर में सर्वर की समस्या



