पटना: बिहार की राजधानी पटना के जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर हवाई यात्रियों को जल्द ही बड़ी राहत मिलने वाली है। अक्टूबर महीने से एयरपोर्ट पर चार नए एयरोब्रिज की सुविधा शुरू होने की उम्मीद है, जिससे यात्रियों की बोर्डिंग प्रक्रिया में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा और उन्हें खराब मौसम में भी परेशानी नहीं होगी।
बढ़ी हुई पार्किंग और सुविधाएं
- कुल 11 विमानों की पार्किंग: एयरपोर्ट के निदेशक के.एम. नेहरा के अनुसार, चार नए एयरोब्रिज के निर्माण के बाद पटना एयरपोर्ट पर एक साथ कुल 11 विमानों की पार्किंग हो सकेगी। अभी तक यहां केवल छह विमानों की पार्किंग की व्यवस्था थी।
- पांच एयरोब्रिज और छह सामान्य पार्किंग: नई योजना के तहत, कुल पाँच एयरोब्रिज बनाए जाएँगे, जिनमें से पाँच पार्किंग सीधे एयरोब्रिज से जुड़ेंगी। इसके अलावा, छह सामान्य पार्किंग भी उपलब्ध होंगी, जहाँ से यात्रियों को बसों की सुविधा पहले की तरह मिलती रहेगी।
- मौसम से कोई दिक्कत नहीं: एयरोब्रिज के चालू होने से यात्रियों को सभी मौसम में विमान में चढ़ने में आसानी होगी, क्योंकि उन्हें खुले में चलकर जाना नहीं पड़ेगा।
निर्माण कार्य की स्थिति
पुरानी टर्मिनल बिल्डिंग को तोड़कर उसकी जगह पर विमानों की पार्किंग और एयरोब्रिज का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। एयरपोर्ट पर अभी केवल एक ही एयरोब्रिज की सुविधा उपलब्ध है। हालांकि, मॉनसून की वजह से निर्माण कार्य की गति पर कुछ असर पड़ा था, लेकिन मौसम बेहतर होते ही काम में तेजी आई है। पहले इन एयरोब्रिज को सितंबर तक चालू करने की योजना थी, लेकिन अब इसे अक्टूबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अभी एक एयरोब्रिज का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। इन सुविधाओं के शुरू होने से पटना एयरपोर्ट की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और यात्रियों को बेहतर अनुभव मिल पाएगा।
पटना एयरपोर्ट पर बढ़ती यात्री संख्या
- यात्री भार: पटना का जयप्रकाश नारायण अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डा, भारत के व्यस्ततम एयरपोर्ट्स में से एक है। पिछले कुछ वर्षों में हवाई यात्रियों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है, जिससे मौजूदा सुविधाओं पर दबाव बढ़ रहा है।
- क्षमता की कमी: एयरपोर्ट पर वर्तमान में केवल छह विमानों की पार्किंग और एक ही एयरोब्रिज की सुविधा है, जो बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए अपर्याप्त है।
आधुनिकीकरण और विस्तार की योजना
- पुरानी टर्मिनल बिल्डिंग का स्थान: इस खबर का मुख्य आधार एयरपोर्ट के आधुनिकीकरण और विस्तार की योजना है। पुरानी टर्मिनल बिल्डिंग को तोड़ दिया गया है, ताकि उसकी जगह पर नई पार्किंग बे और एयरोब्रिज बनाए जा सकें।
- निर्माण का उद्देश्य: इस निर्माण का उद्देश्य एयरपोर्ट की क्षमता को बढ़ाना है। नए एयरोब्रिज और पार्किंग बे के बनने से एक साथ अधिक विमान पार्क हो सकेंगे और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
एयरोब्रिज का महत्व
- यात्रियों को सुविधा: एयरोब्रिज यात्रियों को सीधे टर्मिनल बिल्डिंग से विमान तक जाने की सुविधा देते हैं। इससे यात्रियों को खुले में चलकर जाना नहीं पड़ता, जिससे खराब मौसम (बारिश या तेज धूप) में उन्हें असुविधा नहीं होती।
- बोर्डिंग में लगने वाला समय: एयरोब्रिज से बोर्डिंग प्रक्रिया तेज और अधिक व्यवस्थित हो जाती है, जिससे यात्रियों और एयरलाइंस दोनों का समय बचता है।
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निर्माण में देरी का कारण
- मौसम का प्रभाव: खबर में यह भी बताया गया है कि मॉनसून के कारण निर्माण कार्य की गति धीमी हो गई थी। इस तरह की परियोजनाओं में मौसम का प्रभाव एक सामान्य बात है। हालांकि, अब मौसम बेहतर होने पर काम में तेजी लाने की बात कही गई है। पटना एयरपोर्ट पर बढ़ती यात्री संख्या के कारण क्षमता विस्तार की आवश्यकता, आधुनिकीकरण की जारी परियोजना, और यात्रियों को मिलने वाली बेहतर सुविधाओं पर आधारित है। एयरोब्रिज और अतिरिक्त पार्किंग का निर्माण इसी व्यापक योजना का हिस्सा है, जिससे पटना एयरपोर्ट की परिचालन दक्षता और यात्री अनुभव में सुधार होगा।
- प्रशिक्षण का उद्देश्य: यह प्रशिक्षण कार्यक्रम इसी कमी को पूरा करने के लिए तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य किसानों को जमीनी स्तर पर प्राकृतिक खेती के तरीके सिखाना और उनमें विश्वास पैदा करना है। केंद्र सरकार की राष्ट्रीय नीति, बिहार में कृषि की स्थिति, और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए चलाए जा रहे एक बड़े प्रशिक्षण कार्यक्रम पर आधारित है।



