श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी मुहिम तेज कर दी है। किश्तवाड़ के दुल इलाके में रविवार तड़के से भारतीय सेना और आतंकियों के बीच भीषण मुठभेड़ चल रही है। यह ऑपरेशन खुफिया जानकारी के आधार पर शुरू किया गया था, जिसमें 2 से 3 पाकिस्तानी आतंकियों के छिपे होने की आशंका है। यह मुठभेड़ ऐसे समय में हो रही है जब सुरक्षाबल कुलगाम के अखल इलाके में भी एक बड़े एंटी-टेरर ऑपरेशन को अंजाम दे रहे हैं, जो पिछले 10 दिनों से जारी है।
किश्तवाड़ मुठभेड़: भारतीय सेना का ऑपरेशन
आर्मी के व्हाइट नाइट कोर ने बताया कि किश्तवाड़ के दुल इलाके में आतंकियों के छिपे होने की पुख्ता जानकारी मिली थी। इस जानकारी के आधार पर रविवार सुबह ऑपरेशन शुरू किया गया। शुरुआती घंटों में ही सेना का आतंकियों से आमना-सामना हुआ, जिसके बाद दोनों तरफ से भारी गोलीबारी शुरू हो गई। सूत्रों के अनुसार, इस इलाके में 2 से 3 पाकिस्तानी आतंकियों के होने का अनुमान है।
कुलगाम में 10 दिन से जारी ‘ऑपरेशन अखल’
किश्तवाड़ की मुठभेड़ के समानांतर, सुरक्षाबलों का ध्यान कुलगाम के अखल इलाके में चल रहे एक और लंबे ऑपरेशन पर भी है। ‘ऑपरेशन अखल’ 1 अगस्त को शुरू हुआ था, जब दक्षिण कश्मीर के घने जंगलों में आतंकियों की मौजूदगी के इनपुट मिले थे। इस ऑपरेशन में अब तक 5 से ज्यादा आतंकी मारे जा चुके हैं, जबकि 10 जवान घायल हुए हैं। शुक्रवार रात हुई एक झड़प में लांस नायक प्रितपाल सिंह और सिपाही हरमिंदर सिंह शहीद हो गए थे।
एंटी-टेरर ऑपरेशनों में तेजी
सुरक्षाबलों ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से एंटी-टेरर ऑपरेशनों की रफ्तार काफी बढ़ा दी है। उस हमले में 26 नागरिकों की हत्या कर दी गई थी, जिनमें से ज्यादातर पर्यटक थे। इस हमले के बाद से अब तक सुरक्षाबल करीब 20 बड़े आतंकियों को मार गिरा चुके हैं। ऑपरेशन अखल, पहलगाम हमले के जिम्मेदार लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों को ढेर करने वाले ‘ऑपरेशन महादेव’ के बाद शुरू किया गया था। इसके अलावा, 29 जुलाई को ‘ऑपरेशन शिव शक्ति’ में भी 2 और आतंकी मारे गए थे। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि ये अभियान तब तक जारी रहेंगे जब तक जम्मू-कश्मीर से आतंकवाद का पूरी तरह सफाया नहीं हो जाता। इन ऑपरेशनों से यह साफ है कि सुरक्षाबल जम्मू-कश्मीर में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए लगातार कड़ी मेहनत कर रहे हैं।



