नई दिल्ली: सरकार ने प्रेस रिलीज के जरिए प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के फायदे गिनाए हैं। सरकार का कहना है कि इस योजना के तहत पात्र परिवारों को पिछले नौ वर्षों में लाखों मकान बांटे गए हैं। अगस्त 2025 तक के नए आंकड़ों के अनुसार 2.82 करोड़ आवास पूरे हो चुके हैं और अब तक कुल 2,68,480 भूमिहीन लाभार्थियों को मकान स्वीकृत किए गए हैं। साथ ही इस योजना के अंतर्गत पिछले 9 वर्षों में लगभग 568 करोड़ व्यक्ति-दिवस रोजगार भी सृजित हुए।
क्या है PMAY-G योजना
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) की शुरुआत 1 अप्रैल 2016 को केंद्र सरकार द्वारा की गई थी। यह योजना पात्र ग्रामीण परिवारों को रसोई और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं वाले पक्के घर बनाने में मदद करती है। इसके साथ ही अन्य सरकारी कार्यक्रमों के साथ तालमेल बिठाकर पेयजल, रसोई गैस, नवीकरणीय ऊर्जा और निर्माण सामग्री की सुविधा भी मुहैया कराई जाती है। इस तरह यह योजना समावेशी समाज के निर्माण में योगदान करती है।
इस योजना के तहत कैसे मिलती है वित्तीय सहायता
यह योजना घर निर्माण के लिए प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता (DBT) प्रदान करती है। मैदानी क्षेत्र में रहने वाले लोगों को ₹1.20 लाख और पहाड़ी राज्यों (पूर्वोत्तर राज्यों, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड सहित) में ₹1.30 लाख रुपए की सहायता दी जाती है, ताकि गरीब परिवार अपने घर का सपना पूरा कर सकें।
इस सहायता राशि को केन्द्र और राज्य सरकारों के बीच साझा किया जाता है। मैदानी क्षेत्रों के लिए यह अनुपात 60:40 और पूर्वोत्तर तथा हिमालयी राज्यों के लिए 90:10 है। बिना विधानमंडल वाले केन्द्र शासित प्रदेशों के लिए, केन्द्र सरकार 100 प्रतिशत वित्तपोषण प्रदान करती है।

तकनीकी नवाचारों से बढ़ रहे हैं योजना के लाभार्थी
योजना की संपूर्ण प्रक्रिया आवास सॉफ्ट प्रबंधन सूचना प्रणाली और आवास+ ऐप के माध्यम से संचालित होती है। प्रत्येक घर का निर्माण जियो-टैग्ड, टाइम-स्टैम्प्ड फोटोग्राफ से सत्यापित किया जाता है। लाभार्थियों को आधार-आधारित भुगतान प्रणाली (एबीपीएस) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में सहायता राशि प्राप्त होती है। योजना के नए चरण में धोखाधड़ी रोकने के लिए AI/ML मॉडल और चेहरा प्रमाणीकरण जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है।
महत्तम लाभ के लिए अन्य योजनाओं के साथ बैठाया गया तालमेल
सरकार के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए कई दूसरी योजनाओं से तालमेल बिठाया गया है। शौचालय निर्माण हेतु स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण से ₹12,000 की अतिरिक्त सहायता दी गई है। मनरेगा के तहत घर निर्माण से रोजगार के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। पेयजल, बिजली और एलपीजी जैसी सुविधाओं का प्रावधान भी किया जा रहा है।



