नई दिल्ली: आकाश में होने वाली कुछ खगोलीय घटनाएं इतिहास के पन्नों में दर्ज हो जाती हैं। साल 2027 के अगस्त महीने में होने वाला सूर्य ग्रहणभी एक ऐसी ही दुर्लभ घटना बनने जा रहा है। वैज्ञानिकों ने इसे ‘सदी का सबसे लंबा और खास पूर्ण सूर्य ग्रहण’ घोषित किया है। इस अद्भुत नजारे के दौरान दुनिया के कई हिस्सों में दिन के उजाले के बीच अचानक गहरा अंधेरा छा जाएगा, मानो वक्त से पहले रात हो गई हो।
कब लगेगा यह ग्रहण?
खगोल वैज्ञानिकों के अनुसार, यह पूर्ण सूर्य ग्रहण 2 अगस्त 2027 को लगेगा। इस ग्रहण की सबसे बड़ी विशेषता इसकी अवधि है। पूर्ण ग्रहण की अवस्था लगभग 6 मिनट 23 सेकंड तक रहेगी। आमतौर पर पूर्ण सूर्य ग्रहण महज 2 से 3 मिनट का होता है, लेकिन चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य की विशिष्ट स्थिति के कारण इस बार अंधेरा ढाई गुना ज्यादा समय तक रहेगा। ऐसा दुर्लभ संयोग कई दशकों में एक बार बनता है।
क्यों छा जाएगा इतना लंबा अंधेरा?
इस लंबी अवधि के पीछे वैज्ञानिक कारण चंद्रमा की पृथ्वी से निकटता और पृथ्वी की सूर्य से दूरी है। 2 अगस्त 2027 को चंद्रमा आकाश में अपेक्षाकृत बड़ा दिखाई देगा, जिससे वह सूर्य को पूरी तरह और लंबे समय तक ढकने में सक्षम होगा। ग्रहण की छाया भूमध्य रेखा के पास से गुजरेगी, जिससे इसकी दृश्यता और समय दोनों बढ़ जाएंगे।
किन देशों में दिखेगा पूरा प्रभाव?
इस ‘सदी के ग्रहण’ का पूर्ण दृश्य मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों में दिखाई देगा:
यूरोप: स्पेन और जिब्राल्टर।
अफ्रीका: मोरक्को, अल्जीरिया, ट्यूनीशिया, लीबिया और मिस्र।
एशिया: सऊदी अरब और मध्य-पूर्व के कुछ हिस्से।
मिस्र के लक्सर क्षेत्र में यह ग्रहण अपने चरम पर होगा, जहां 6 मिनट से अधिक समय तक सूरज पूरी तरह गायब रहेगा।
क्या भारत में दिखेगा असर?
भारत में रहने वाले खगोल प्रेमियों के लिए यह अनुभव थोड़ा अलग होगा। भारत में यह पूर्ण नहीं बल्कि आंशिक सूर्य ग्रहण के रूप में दिखाई देगा। दिल्ली सहित उत्तर और पश्चिम भारत के कई हिस्सों में शाम के समय सूर्य का कुछ हिस्सा चंद्रमा से ढका हुआ नजर आएगा। हालांकि, भारत में 6 मिनट वाला पूर्ण अंधेरा नहीं होगा, फिर भी यह देखने लायक दृश्य होगा।
सुरक्षा का रखें ध्यान
वैज्ञानिकों और डॉक्टरों की सलाह है कि सूर्य ग्रहण को कभी भी सीधी नग्न आंखों से न देखें। इसे देखने के लिए हमेशा प्रमाणित सोलर फिल्टर या इक्लिप्स ग्लासेस का उपयोग करें। साधारण चश्मे, टेलीस्कोप या कैमरे के लेंस से सीधे सूर्य को देखना आंखों की रोशनी के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है।



