नई दिल्ली: थलापति विजय की बहुप्रतिक्षित फिल्म ‘जन नायकन’ के ऑनलाइन लीक होने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। साइबर क्राइम विंग ने इस मामले में सक्रियता दिखाते हुए अब तक 5 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है।

ये लोग कथित तौर पर व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फिल्म के अवैध लिंक साझा कर रहे थे। अधिकारियों का लक्ष्य अब उस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना है जो इस पायरेसी ऑपरेशन के पीछे है।
यह कार्रवाई फिल्म के निर्माताओं, केवीएन प्रोडक्शंस एलएलपी द्वारा कानूनी कदम उठाने के एक दिन बाद हुई है। प्रोडक्शन हाउस की लीगल टीम ने सार्वजनिक नोटिस जारी कर चेतावनी दी थी कि फिल्म के किसी भी क्लिप, फोटो या पूरी फिल्म को डाउनलोड, शेयर या रीपोस्ट करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। टीम ने इस डेटा ब्रीच पर “झटके और गंभीरता” व्यक्त करते हुए इसे फिल्म की टीम की मेहनत पर बड़ा प्रहार बताया है।
फिल्म के लीक होने पर दक्षिण भारतीय सिनेमा के दिग्गज कलाकारों ने भी गहरा दुख व्यक्त किया है। सुपरस्टार रजनीकांत ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा, “इंटरनेट पर फिल्म का लीक होना चौंकाने वाला और दर्दनाक है। फिल्म संघों को इसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए और सरकार को दोषियों की पहचान कर उन्हें कड़ी सजा देनी चाहिए।” वहीं, कमल हासन ने इसे सिस्टम की विफलता बताते हुए कहा कि सेंसर सर्टिफिकेशन में देरी की वजह से पायरेसी को बढ़ावा मिलता है।
चिरंजीवी, शिवकार्तिकेयन, बॉबी देओल और विशाल जैसे कलाकारों ने भी ‘जन नायकन’ की पायरेसी की निंदा की है और दर्शकों से सिनेमा को बचाने की अपील की है। फिलहाल पुलिस हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि मुख्य स्रोत तक पहुंचा जा सके। पायरेसी की इस घटना ने एक बार फिर फिल्म उद्योग में डिजिटल सुरक्षा और कॉपीराइट उल्लंघन के गंभीर मुद्दे को सामने ला दिया है।



