थलपति विजय के अभिनय करियर की आखिरी फिल्म 'जन नायक' कानूनी पचड़ों में फंस गई है। फिल्म को सेंसर बोर्ड (CBFC) द्वारा सर्टिफिकेट न दिए जाने के खिलाफ मेकर्स ने मद्रास हाई कोर्ट का रुख किया था। शुक्रवार को मद्रास हाई कोर्ट की सिंगल बेंच ने फिल्म को U/A 16+ सर्टिफिकेट देने का आदेश दिया, लेकिन कुछ ही घंटों बाद कोर्ट की डिवीजन बेंच ने इस आदेश पर स्टे (रोक) लगा दिया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 21 जनवरी, 2026 को होगी।
सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं मेकर्स
ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, केवीएन प्रोडक्शंस (KVN Productions) के निर्माता वेंकट के. नारायण अब इस मामले को सुप्रीम कोर्ट ले जाने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है, लेकिन मेकर्स फिल्म को जल्द से जल्द रिलीज करने के लिए हर संभव कानूनी रास्ता अपनाने के लिए तैयार हैं।
निर्माता का भावुक संदेश
निर्माता वेंकट के. नारायण ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा कर फैंस से माफी मांगी। उन्होंने कहा, "यह फिल्म हमारे लिए बहुत भावनात्मक है। थलपति विजय सर ने दशकों तक जो प्यार कमाया है, उसके लिए वह एक शानदार विदाई के हकदार हैं। हमने 18 दिसंबर को ही सेंसर के लिए आवेदन किया था, लेकिन आखिरी वक्त पर शिकायत के नाम पर इसे रोका गया।"
कमल हासन का समर्थन: "फिल्म जगत को एकजुट होने की जरूरत"
दिग्गज अभिनेता और नेता कमल हासन ने भी इस विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने फिल्म का नाम लिए बिना सोशल मीडिया पर लिखा:
"वर्तमान समय की मांग है कि सेंसर बोर्ड की प्रक्रिया में बदलाव हो। मूल्यांकन पारदर्शी होना चाहिए और हर कट या एडिट के पीछे लिखित कारण दिया जाना चाहिए। यह समय पूरे फिल्म उद्योग के लिए एकजुट होकर रचनात्मक स्वतंत्रता की रक्षा करने का है।"