पटना: बिहार में आगामी चुनावों से पहले राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने ‘वोटर अधिकार यात्रा’ निकाल रहे तेजस्वी यादव पर तीखा हमला बोला है और उन्हें ‘आपकी हकीकत जनता जानती है’ कहकर नसीहत दी है। वहीं, तेजस्वी यादव ने सत्ताधारी दल पर वोटर लिस्ट में धांधली का आरोप लगाया है।
नित्यानंद राय का तेजस्वी पर हमला
नित्यानंद राय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए तेजस्वी यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिस लोकतंत्र की बात तेजस्वी कर रहे हैं, उसकी हकीकत बिहार की 13 करोड़ जनता जानती है। राय ने आरोप लगाया कि तेजस्वी के पिता लालू यादव के शासनकाल में ‘मत पेटियों को लुटवाने’ और ‘बूथ कैप्चरिंग’ की संस्कृति आम थी। उन्होंने 1990 से 2005 के बीच राजद के शासनकाल को याद करते हुए कहा कि उस समय अपराधी खुले तौर पर सत्ता का दुरुपयोग करते थे। राय ने तेजस्वी यादव के साथ यात्रा निकाल रहे राहुल गांधी को भी नहीं बख्शा। उन्होंने कहा कि राहुल को ‘वोटर अधिकार यात्रा’ से पहले कांग्रेस के शासनकाल में हुई चुनावों में धांधली और वोट चोरी के बारे में भी बताना चाहिए।
तेजस्वी यादव का पलटवार
दूसरी ओर, तेजस्वी यादव ने सरकार पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया है कि सत्ता में बैठे लोगों के दो-दो जगह वोट हैं, जबकि गरीबों को अपना एक वोट बनवाने के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार के लोग अपने वोट के अधिकार के लिए संघर्ष कर रहे हैं। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि जिंदा लोगों के वोट काट दिए गए हैं, और जो मर चुके हैं, उनके नाम वोटर लिस्ट में जोड़ दिए गए हैं। उन्होंने इस ‘तानाशाही’ के खिलाफ ही ‘वोटर अधिकार यात्रा’ का आयोजन करने की बात कही है। तेजस्वी के अनुसार, एक झटके में लाखों नाम हटा दिए गए हैं और जिंदा इंसानों को मृत घोषित कर दिया गया है। यह राजनीतिक वाकयुद्ध दिखाता है कि बिहार में चुनावी माहौल गर्मा गया है और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर जमकर हमला बोल रहे हैं।
‘वोटर अधिकार यात्रा’
यह विवाद तेजस्वी यादव की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के संदर्भ में उठा है। तेजस्वी इस यात्रा के माध्यम से लोगों के बीच यह संदेश देना चाहते हैं कि वर्तमान सरकार ने वोटर लिस्ट में गड़बड़ी की है। वह आरोप लगा रहे हैं कि लाखों ‘जिंदा’ लोगों के नाम काट दिए गए हैं, जबकि कई ‘मृत’ लोगों के नाम लिस्ट में शामिल हैं। इस यात्रा का उद्देश्य जनता को मतदान के अधिकार के महत्व के बारे में जागरूक करना और सरकार पर दबाव बनाना है।
लालू यादव का ‘जंगलराज’
नित्यानंद राय ने तेजस्वी पर हमला करने के लिए उनके पिता, लालू यादव के शासनकाल का जिक्र किया है। बिहार में 1990 से 2005 तक के राजद शासन को अक्सर विपक्ष ‘जंगलराज’ कहकर संबोधित करता है। नित्यानंद राय ने उसी ‘बूथ कैप्चरिंग’ और ‘मत पेटी लूटने’ के आरोपों को फिर से उठाया है। यह एक पुरानी राजनीतिक रणनीति है जिसमें वर्तमान नेता को उनके परिवार के अतीत से जोड़कर निशाना बनाया जाता है।
‘इंडिया’ गठबंधन की चुनौतियां
यह घटना ‘इंडिया’ गठबंधन के लिए एक चुनौती भी है। चूंकि इस यात्रा में राहुल गांधी भी शामिल हैं, इसलिए बीजेपी के नेता राहुल को भी निशाना बना रहे हैं। नित्यानंद राय ने राहुल गांधी को कांग्रेस के पुराने शासनकाल के दौरान हुई चुनावी धांधलियों पर बोलने की नसीहत दी है। यह दर्शाता है कि बीजेपी गठबंधन के दो प्रमुख चेहरों तेजस्वी और राहुल को एक साथ घेरने की कोशिश कर रही है।
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चुनावी माहौल
कुल मिलाकर, यह खबर बिहार में आगामी चुनावों की तैयारी का हिस्सा है। दोनों पक्ष, एनडीए और ‘इंडिया’ गठबंधन, एक-दूसरे पर हमला करने और अपने-अपने पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। यह बयानबाजी सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मतदाताओं के बीच अपनी-अपनी बात रखने की एक कोशिश है।



