नई दिल्ली: Rahul Gandhi और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने शुक्रवार को सोशल मीडिया एक्स पर करीब 8 मिनट का एक नया वीडियो जारी कर वोट चोरी के अपने आरोपों को और पुख्ता करने की कोशिश की है। साथ ही एक्स पर कहा वोट चोरी सिर्फ़ एक चुनावी घोटाला नहीं, ये संविधान और लोकतंत्र के साथ किया गया बड़ा धोखा है। देश के गुनहगार सुन लें वक्त बदलेगा, सजा जरूर मिलेगी। Rahul Gandhi ने अपने वीडियों में कहा कि वह राजनीतिक परिवार में पैदा हुए हैं, और पिछले 20 साल से खुद चुनाव लड़ रहे हैं, इसलिए उहें पता है कि कैसे चुनाव लड़े जाते हैं, कैसे बूथ मैनेज होता है और कैसे वोट चोरी होती है। राहुल ने आरोप लगाया कि लोकसभा चुनाव के दौरान 100 से यादा सीटों पर वोट चोरी की गई है। उहोंने कहा कि अगर निष्पक्ष् चुनाव होते तो आज नरेंद्र मोदी की सरकार नहीं होती।
Vote Chori सिर्फ़ एक चुनावी घोटाला नहीं, ये संविधान और लोकतंत्र के साथ किया गया बड़ा धोखा है।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) August 8, 2025
देश के गुनहगार सुन लें – वक़्त बदलेगा, सज़ा ज़रूर मिलेगी। pic.twitter.com/tR7wh589fN
भारत जोड़ो यात्रा में दिखी थी सत्ता विरोधी लहर
Rahul Gandhi ने कहा कि उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के नतीजे आए। हमें लगा कि कुछ गड़बड़ हो रहा है। 2018 में मध्य प्रदेश में चुनाव हुए। हम जीते, लेकिन हमारी सरकार चली गई। 2023 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव को ‘चौंकाने वाला’ बताया और कहा, “मैंने भारत जोड़ो यात्रा के दौरान हर जिले में सत्ता-विरोधी माहौल देखा। फिर भी हमें 234 में से सिर्फ़ 65 सीटें मिलीं। ये कैसे मुमकिन है। उन्होंने बैंगलोर सेंट्रल जैसे लोकसभा क्षेत्रों का हवाला देते हुए दावा किया कि एक ही पते पर सैकड़ों फर्जी वोट दर्ज हैं।
चुनाव आयोग को चुनौती
जब चुनाव आयोग ने राहुल से शपथ लेकर सबूत मांगे, तो राहुल ने पलटवार करते हुए कहा, “मेरा वचन ही मेरी शपथ है। उन्होंने यह साफ किया कि जो कुछ उन्होंने कहा है, वह सार्वजनिक रूप से और पूरी जिम्मेदारी के साथ कहा है। राहुल गांधी ने आयोग से मांग की है कि वह न सिर्फ उनके द्वारा बताए गए आंकड़ों की जांच करे, बल्कि पूरे देश की वोटर लिस्ट का स्वतंत्र ऑडिट कराए। उनका कहना है कि अगर सबकुछ सही है तो जांच से डरने की कोई वजह नहीं होनी चाहिए।
बचपन को याद किया
राहुल गांधी ने अपने वीडियो की शुरुआत एक निजी अनुभव से की। उन्होंने कहा, 1980 में वह और मेरी बहन प्रियंका घर में दिन में लेई बनाते थे और रात में चुनावी छिपकाते थे। तभी से हम राजनीति को समझते हैं। उन्होंने बताया कि चुनाव की प्रक्रिया चाहे वो बूथ मैनेजमेंट हो, वोटर लिस्ट हो या वोटिंग पैटर्न सब कुछ उन्हें गहराई से समझ आता है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीते कुछ सालों से वो देख रहे हैं कि मूड एक होता है और रिजल्ट कुछ और आता है, जिससे लोकतंत्र की बुनियादी प्रक्रिया पर ही सवाल उठते हैं।
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SIR पर गहराया विवाद
राहुल गांधी ने विशेष रूप से बिहार में चल रही SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि यह प्रक्रिया गरीबों, दलितों, पिछड़ों और मुसलमानों को वोटर लिस्ट से हटाने की साज़िश है। SIR के तहत मतदाता को अपनी नागरिकता साबित करनी पड़ रही है, जो कि कई वंचित वर्गों के लिए कठिन है। कांग्रेस, राजद और INDIA गठबंधन के अन्य दलों का दावा है कि SIR के नाम पर भाजपा वोटबैंक की साफ-सफाई कर रही है।



