पटना: बिहार में महाभारत काल के वीर योद्धा भूरिश्रवा की धरती कहा जाने वाला भोरे विधानसभा क्षेत्र इस बार बिहार की राजनीति में एनडीए के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। इस सीट से पिछली बार सिर्फ 462 मतों के बेहद मामूली अंतर से जीत हासिल करने वाले सुनील कुमार आज प्रदेश के शिक्षा मंत्री हैं। ऐसे में आगामी चुनावों में यह सीट न सिर्फ उनके लिए बल्कि पूरे एनडीए गठबंधन के लिए ‘अग्निपरीक्षा’ से कम नहीं है, जहां उन्हें विकास की कसौटी पर खुद को साबित करना होगा।
एकमात्र सुरक्षित सीट और चुनावी इतिहास
गोपालगंज जिले में भोरे एकमात्र सुरक्षित (आरक्षित) विधानसभा क्षेत्र है। यह सीट 1957 में अस्तित्व में आई थी और 1977 में इसे सुरक्षित घोषित किया गया। तब से लेकर अब तक यहां से कुल 16 विधायक चुने गए हैं। भोरे का चुनावी इतिहास बेहद दिलचस्प रहा है, जहां कांग्रेस ने सात बार, जनता दल और भाजपा ने दो-दो बार, जबकि राजद और जदयू ने एक-एक बार जीत हासिल की है। यह सीट अक्सर राज्य की सियासत की बदलती हवा के साथ कदमताल करती रही है।
नौकरशाही से राजनीति तक का सफर
वर्तमान विधायक सुनील कुमार का राजनीति में आने का सफर भी उल्लेखनीय है। भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारी रहे सुनील कुमार अगस्त 2020 में सेवानिवृत्त होने के ठीक 29 दिन बाद जदयू में शामिल हो गए। उसी साल, वह अपने गृह क्षेत्र भोरे से जदयू प्रत्याशी के रूप में चुनावी मैदान में उतरे। एक कड़े मुकाबले में उन्होंने भाकपा माले के जितेन्द्र पासवान को सिर्फ 462 वोटों से हराकर जीत दर्ज की। पहले उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग का मंत्री बनने के बाद, मार्च 2024 में उन्हें प्रदेश का शिक्षा मंत्री बनाया गया।
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भाई ने छोड़ी सीट, जातीय समीकरण भी अहम
दिलचस्प बात यह है कि सुनील कुमार के भाई अनिल कुमार भी इसी सीट से 1985, 2005 और 2015 में तीन बार विधायक रह चुके हैं। 2020 में जब सुनील कुमार ने राजनीति में कदम रखा, तो अनिल कुमार ने खुद चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया।
भोरे विधानसभा क्षेत्र का चुनावी गणित काफी हद तक ग्रामीण मतदाताओं पर निर्भर करता है। यहां की जातीय संरचना में अनुसूचित जाति के मतदाता लगभग 14.27% हैं, जबकि मुस्लिम मतदाताओं की संख्या 11% है। इसके अलावा, ब्राह्मण, कोइरी, रविदास और राजपूत जैसी जातियों के मतदाता भी चुनावी नतीजों को प्रभावित करने में अहम भूमिका निभाते हैं। यह सभी कारक मिलकर इस सीट को आगामी चुनाव में एक बेहद ही रोचक और प्रतिष्ठापूर्ण मुकाबला बनाते हैं।



