नई दिल्ली: शुक्रवार (13 सितम्बर) को स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (SSC) की कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल (CGL) परीक्षा 2025 के पहले चरण (Tier-I) में भारी अव्यवस्था देखने को मिली। दिल्ली, गुरुग्राम, जयपुर और जम्मू के कई परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी गड़बड़ियों और के कारण परीक्षाएं रद्द करनी पड़ीं। इस अव्यवस्था से हजारों अभ्यार्थी परेशान हो उठे। कई परीक्षा केन्द्रों पर पुलिस को हालात संभालने के लिए तैनात भी करना पड़ा।
गुरुग्राम में हंगामा, पुलिस की दखलअंदाजी
गुरुग्राम के सेक्टर-4 में स्थित एमएम पब्लिक स्कूल में परीक्षार्थियों को वहा जाकर अचानक पता चला कि उनकी परीक्षा रद्द कर दी गई है। इस खबर से गुस्साए छात्रो ने स्कूल का गेट तोड़ने की कोशिश की। बाद में पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को काबू में कर लिया। केंद्र अध्यक्ष मनोज गुप्ता ने बताया कि सर्वर फेल होने और छात्रो के हंगामे के कारण परीक्षा को पोस्टपोन करना पड़ा। हालांकि स्कूल प्रबंधन ने किसी भी तरह की तोड़फोड़ को लेकर शिकायत दर्ज नहीं कराई।
अन्य राज्यों में भी तकनीकी गड़बड़ी
जुरुग्राम के अलावा जम्मू में भी तकनीकी कारणों से परीक्षा रद्द करनी पड़ी। वहीं, जयपुर में समय पर परीक्षा न शुरू होने से पुलिस को तैनात करना पड़ा। दिल्ली के कई केंद्रों से भी छात्रो ने शिकायत की कि समय पर सेंटर पहुंचने के बावजूद उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया।
छात्रो की नाराजगी
लाखों छात्रो की मेहनत और तैयारी इस अव्यवस्था से प्रभावित हुई। अभियार्थियो ने SSC पर लापरवाही और खराब प्रबंधन का आरोप लगाया। सोशल मीडिया पर भी छात्रों ने आयोग से पारदर्शिता और उचित प्रबंधन की मांग की हैं।
SSC का बयान और नई तारीख का भरोसा
SSC अध्यक्ष एस. गोपालकृष्णन ने NDTV से बातचीत में बताया कि छात्रो के लिए इस बार देशभर में 227 केंद्रों पर परीक्षा आयोजित हुई थी, जिनमें से 215 केंद्रों पर परीक्षा सफलतापूर्वक हुई। उन्होंने स्वीकार किया कि गुरुग्राम केंद्र पर पुराने उपकरण और कमजोर नेटवर्क की वजह से गड़बड़ी हुई। आयोग अध्यक्ष ने आश्वासन दिया कि इससे प्रभावित छात्रो के लिए दिल्ली-NCR में अगले दस दिनों के भीतर ही नए परीक्षा केंद्र निर्धारित किए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि केवल SSC मुख्यालय ही परीक्षा रद्द करने का आधिकारिक निर्णय ले सकता है।
निष्कर्ष
SSC CGL जैसी महत्वपूर्ण भर्ती परीक्षा में तकनीकी गड़बड़ियां और अव्यवस्था लाखों उम्मीदवारों की मेहनत पर पानी फेर रही हैं। इससे पहले भी SSC की परीक्षाओ में कुप्रबंधन देखने को मिला हैं जिसके बाद अब सभी की निगाहें आयोग पर टिकी हैं कि वह कब और कैसे प्रभावित परीक्षार्थियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करता है।



