नई दिल्ली। दिल्ली में रविवार को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई। इस दौरान परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों की सुविधा के लिए दिल्ली सरकार द्वारा किए गए विशेष इंतजामों को व्यापक सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। लगभग 45,000 अभिभावकों और परीक्षार्थियों ने इन सुविधाओं का लाभ उठाया।
अभिभावकों को भी दी गई सुविधा
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि परीक्षा के दिन मिले फीडबैक से स्पष्ट है कि सरकार की व्यवस्थाओं ने विद्यार्थियों और उनके परिवारों को बड़ी राहत दी है। इस बार दिल्ली सरकार ने एक नई पहल करते हुए न केवल परीक्षार्थियों बल्कि उनके अभिभावकों की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा।
उन्होंने बताया कि परीक्षा से पहले यह सुनिश्चित किया गया कि किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में परिवहन संबंधी कठिनाई न हो और अभिभावकों को भी भीषण गर्मी में परेशानी न उठानी पड़े। इसी उद्देश्य से सभी NEET अभ्यर्थियों के लिए डीटीसी बसों में निःशुल्क यात्रा सुविधा उपलब्ध कराई गई तथा राजधानी के सभी 97 परीक्षा केंद्रों के बाहर विशेष कूलिंग जोन बनाए गए।
इन कूलिंग जोन में बैठने की व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, ओआरएस, शिकंजी, चाय और प्राथमिक चिकित्सा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। अभिभावकों ने इन व्यवस्थाओं को उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे लंबा इंतजार अधिक सहज और आरामदायक हो गया।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, लगभग 45,000 परीक्षार्थियों और अभिभावकों ने इन सुविधाओं का लाभ उठाया और सरकार की इस पहल की सराहना की।
परीक्षाएं जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएं युवाओं के जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव होती हैं। ऐसे में सरकार की भूमिका केवल प्रशासनिक व्यवस्था तक सीमित नहीं होती, बल्कि विद्यार्थियों और उनके परिवारों की वास्तविक जरूरतों को समझकर सहयोग करना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब अभिभावक निश्चिंत रहते हैं, तो उसका सकारात्मक प्रभाव विद्यार्थियों के आत्मविश्वास और प्रदर्शन पर पड़ता है।
उन्होंने परीक्षा के सफल संचालन में योगदान देने वाले जिला प्रशासन, परिवहन विभाग, डीटीसी, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग तथा अन्य एजेंसियों और कर्मचारियों की सराहना की। साथ ही कहा कि सभी विभागों के समन्वित प्रयासों से यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार शिक्षा, युवा सशक्तिकरण और नागरिक सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और भविष्य में भी विद्यार्थियों और उनके परिवारों की सुविधा के लिए ऐसे जनहितकारी प्रयास जारी रहेंगे।



