नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से ऊर्जा संरक्षण, संसाधनों की बचत, ‘वोकल फॉर लोकल’ और जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने के आह्वान के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली सरकार की ओर से व्यापक जनभागीदारी अभियान ‘मेरा भारत, मेरा योगदान’ की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा यह ‘दिल्ली सरकार का जन अभियान’ है, जिसमें सरकार से लेकर आम-जन को भी जोड़ा गया है। इस अभियान के तहत आवश्यक सेवाओं को छोड़ दिल्ली सरकार में सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम, ईंधन बचत, सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा, मेड इन इंडिया और जिम्मेदार जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।
वैश्विक स्तर पर जारी आर्थिक अस्थिरताl से भारत इससे अछूता नहीं है
इस महत्वपूर्ण निर्णय की जानकारी मुख्यमंत्री ने गुरुवार को दिल्ली सचिवालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी। कॉन्फ्रेंस में दिल्ली सरकार के सभी मंत्री भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वैश्विक स्तर पर जारी आर्थिक अस्थिरता, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, ईंधन संकट और बढ़ती आयात लागत का प्रभाव पूरी दुनिया पर पड़ रहा है और भारत भी इससे अछूता नहीं है। ऐसे समय में देशहित को सर्वोपरि रखते हुए प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह संसाधनों की बचत और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपना योगदान दे। मुख्यमंत्री ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा देशवासियों से की गई सात प्रमुख अपीलें केवल सुझाव नहीं, बल्कि राष्ट्रहित में सामूहिक जिम्मेदारी का आह्वान हैं। इन्हीं अपीलों को जन-आंदोलन का स्वरूप देने के लिए दिल्ली सरकार ‘मेरा भारत, मेरा योगदान’ नाम से 90 दिवसीय व्यापक जागरूकता अभियान शुरू कर रही है।
दिल्ली सरकार ने कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लिए हैं

मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली सरकार ने ईंधन बचत और ट्रैफिक प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लिए हैं। दिल्ली सरकार के सभी विभागों में सप्ताह में दो दिन ‘वर्क फ्रॉम होम’ व्यवस्था लागू की जाएगी। निजी कंपनियों और संस्थानों को भी अपनी सुविधा के अनुसार सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम लागू करने की सलाह दी जा रही है। इस संबंध में श्रम विभाग द्वारा किसी भी प्रकार की समस्या के समाधान के लिए सिंगल विंडो हेल्प डेस्क व कॉल सेंटर भी स्थापित किया जाएगा। साथ ही सरकार बड़ी कंपनियों और संस्थानों से व्यक्तिगत स्तर पर संवाद कर सहयोग सुनिश्चित करेगी।
सरकारी वाहनों के उपयोग को न्यूनतम किया जाएगा
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था उन आवश्यक सेवाओं पर लागू नहीं होगी, जो सीधे जन-सुविधाओं और सार्वजनिक कार्यों से जुड़ी हैं। इनमें पब्लिक डीलिंग से संबंधित विभाग, फायर सर्विस, अस्पताल, जेल प्रशासन, सार्वजनिक परिवहन, बिजली एवं जल आपूर्ति इत्यादि जैसी आवश्यक सेवाएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी स्तर पर वाहनों के उपयोग को न्यूनतम किया जाएगा। नए निर्णय के अनुसार अधिकारियों के पेट्रोल अलाउंस में 20 प्रतिशत तक की कटौती की गई है। जिन वाहनों की पहले 200 लीटर पेट्रोल की सीमा थी, उसे घटाकर 160 लीटर तथा 250 लीटर की सीमा को घटाकर 200 लीटर किया गया है।
हर सोमवार को ‘मेट्रो मंडे’ के रूप में मनाया जाएगा
उन्होंने बताया कि हर सोमवार को ‘मेट्रो मंडे’ के रूप में मनाया जाएगा, जिसमें मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और सरकारी कर्मचारी जहां तक संभव होगा, मेट्रो एवं सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करेंगे। दिल्ली सरकार के कार्यालयों का समय अब सुबह 10:30 बजे से शाम 7 बजे तक निर्धारित किया गया है, जबकि दिल्ली नगर निगम कार्यालय सुबह 8:30 बजे से शाम 5 बजे तक संचालित होंगे। केंद्र सरकार के कार्यालयों का समय सुबह 9 से शाम 5:30 बजे है। कार्यालयों के समय के इस अंतराल से ट्रैफिक का दबाव कम किया जा सकेगा।
दिल्ली वाले अपनी सुविधा से सप्ताह में एक दिन ‘नो व्हीकल डे’ का संकल्प लें
मुख्यमंत्री ने दिल्ली की जनता से सप्ताह में एक दिन ‘नो व्हीकल डे’ मनाने की अपील करते हुए कहा कि नागरिक अपनी सुविधा अनुसार एक दिन निजी वाहन का उपयोग न करने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि अगले छह महीने तक दिल्ली सरकार कोई नया पेट्रोल, डीजल, सीएनजी या हाइब्रिड वाहन नहीं खरीदेगी। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि ग्रेड-1 से ग्रेड-8 तक के कर्मचारियों और अधिकारियों को यदि वे अपने ट्रांसपोर्ट अलाउंस का कम से कम 25 प्रतिशत सार्वजनिक परिवहन जैसे मेट्रो आदि पर खर्च करते हैं, तो सरकार की ओर से 10 प्रतिशत अतिरिक्त ट्रांसपोर्ट अलाउंस दिया जाएगा। मुख्यमंत्री के अनुसार माल वाहक कंपनियों से अपील की जाएगी कि वे अपने माल की ढुलाई ट्रकों के बजाय ट्रेन से करें। इससे डीजल की बचत होगी।
सरकारी कॉलोनियों में रहने वाले कर्मचारियों के लिए 58 फीडर बसों का विशेष रूट तैयार किया गया
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि सरकारी कर्मचारियों के बीच सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली की 29 सरकारी कॉलोनियों में रहने वाले कर्मचारियों के लिए 58 फीडर बसों का विशेष रूट प्लान तैयार किया गया है, जो कर्मचारियों को कॉलोनियों से मेट्रो स्टेशनों तक पहुंचाने का कार्य करेंगी। इसके साथ ही सभी विभागों के घरेलू यात्रा व्यय में भी 20 प्रतिशत तक कटौती की जाएगी तथा सरकार की 50 प्रतिशत बैठकों को ऑनलाइन मोड में आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से अपील की कि नॉन-प्रैक्टिकल क्लासेस, गेस्ट लेक्चर्स और प्रशासनिक बैठकों को अधिकतम ऑनलाइन माध्यम से संचालित किया जाए। अदालतों से भी अधिकतम ऑनलाइन सुनवाई करने का अनुरोध किया गया है ताकि परिवहन और ईंधन की बचत हो सके।
अगले एक वर्ष तक सरकार के मंत्री और अधिकारी किसी भी आधिकारिक विदेशी दौरे पर नहीं जाएंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले एक वर्ष तक दिल्ली सरकार के मंत्री और अधिकारी किसी भी आधिकारिक विदेशी दौरे पर नहीं जाएंगे। पहले से निर्धारित कुछ आधिकारिक विदेशी कार्यक्रमों को भी रद्द कर दिया गया है। साथ ही अगले तीन महीने तक बड़े सरकारी सार्वजनिक कार्यक्रमों और कॉन्फ्रेंसों को सीमित रखा जाएगा। उन्होंने दिल्लीवासियों से भी अपनी विदेशी यात्राओं को सीमित करने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘मेड इन इंडिया’ आह्वान को आगे बढ़ाते हुए दिल्ली के बड़े मॉल्स और सुपरमार्केट्स में ‘मेड इन इंडिया’ कॉर्नर और प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी। भारतीय इलेक्ट्रॉनिक और अन्य उत्पादों की एक प्रमाणित सूची भी जारी की जाएगी, ताकि लोगों को स्वदेशी विकल्पों की जानकारी मिल सके। दिल्ली सरकार स्वयं भी अधिकतम भारतीय उत्पादों को प्राथमिकता देगी।
सरकारी कार्यालयों में एयर कंडीशनर 24 से 26 डिग्री तापमान पर अनिवार्य रूप से सेट किए जाएंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली की बचत के लिए सभी सरकारी कार्यालयों में एयर कंडीशनर 24 से 26 डिग्री तापमान पर अनिवार्य रूप से सेट किए जाएंगे। कार्यालयों में ऊर्जा बचत के लिए सेंसर और मास्टर स्विच भी लगाए जाएंगे ताकि अनावश्यक बिजली खपत रोकी जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा ‘मेरा भारत मेरा योगदान’ को लेकर पूरी दिल्ली में 90 दिनों तक जनजागरुकता अभियान चलाया जाएगा। इसके अंतर्गत स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, आरडब्ल्यूए, महिला समूहों, संस्थानों और कंपनियों में विभिन्न प्रकार की शपथ दिलाई जाएंगी। इनमें ईंधन बचत, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग, अनावश्यक निजी वाहन उपयोग में कमी, गैर-जरूरी विदेशी यात्रा से बचाव, ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों को अपनाने तथा खाद्य तेल की अनावश्यक खपत कम करने जैसे विषय शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कोई मजबूरी या प्रतिबंध नहीं, बल्कि राष्ट्रहित में स्वेच्छा से आगे बढ़ने का आह्वान है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दिल्ली का हर नागरिक इस अभियान से जुड़कर देश की अर्थव्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।



