मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। देश की संसद के स्पीकर मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ अब अमेरिका के साथ संभावित बातचीत में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इज़राइल की कथित ‘हिट लिस्ट’ में शामिल रहे ग़ालिबाफ़ का नाम अब हटा दिया गया है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने एक सूत्र के हवाले से बताया कि अमेरिका ने इसराइल से पीछे हटने को कहा, ताकि बातचीत की संभावनाएं बनी रहें।
अब्बास अराग़ची के साथ ग़ालिबाफ़ भी वार्ता प्रक्रिया में शामिल?
बताया जा रहा है कि विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची के साथ ग़ालिबाफ़ भी वार्ता प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं। वहीं, पाकिस्तान इस पूरे मामले में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।
64 वर्षीय ग़ालिबाफ़ को ईरान के सत्ता तंत्र में एक अनुभवी और प्रभावशाली नेता माना जाता है। उनका संबंध इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से रहा है और वे पुलिस प्रमुख से लेकर तेहरान के मेयर तक कई अहम पदों पर रह चुके हैं।
हालांकि, उनका करियर विवादों से भी अछूता नहीं रहा। 1999 के छात्र आंदोलन के दमन में उनकी भूमिका और बाद के कुछ भ्रष्टाचार आरोपों को लेकर उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद वे 2020 में संसद के स्पीकर बने और अब भी सत्ता के केंद्र में बने हुए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा युद्ध के दौर में ग़ालिबाफ़ की प्रशासनिक और सैन्य पृष्ठभूमि उन्हें कूटनीतिक वार्ताओं के लिए एक मजबूत चेहरा बनाती है। ऐसे में आने वाले समय में उनकी भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो सकती है।



