नई दिल्ली: शिक्षक बनने का सपना देख रहे युवाओं के बीच एक साल के बीएड कोर्स को लेकर चल रही अटकलों पर अब विराम लग गया है।
नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी 2020) के तहत चर्चा थी कि बीएड की अवधि दो साल से घटाकर एक साल की जा सकती है, लेकिन शिक्षा मंत्रालय ने हाल ही में लोकसभा में एक लिखित सवाल के जवाब में स्थिति साफ कर दी है। मंत्रालय के अनुसार, वर्तमान में बीएड कार्यक्रम की अवधि को एक वर्ष तक बहाल करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
दरअसल, नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (एनसीटीई) ने पिछले साल ड्राफ्ट रेगुलेशंस में एक वर्ष के बीएड कोर्स की वापसी का संकेत दिया था। योजना यह थी कि जिन छात्रों ने चार साल का स्नातक प्रोग्राम या पोस्ट ग्रेजुएशन पूरा किया है, वे एक साल में बीएड कर सकेंगे।
हालांकि, 23 मार्च 2026 को संसद में दिए गए जवाब के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि इस सत्र से ऐसी किसी योजना को लागू करने की तैयारी नहीं है। बता दें कि देश में एक वर्ष का बीएड कोर्स साल 2014 में बंद कर दिया गया था।
वर्तमान नियमों के अनुसार, तीन वर्षीय डिग्री धारकों के लिए अभी भी दो साल का बीएड कोर्स ही मान्य रहेगा। वहीं, सरकार का पूरा जोर अब 4 ईयर इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम (आईटीईपी) पर है।
शिक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 2026 में 285 संस्थानों में यह कोर्स पढ़ाया जाएगा, जिसमें बीए-बीएड, बीकॉम-बीएड और बीएससी-बीएड जैसे विकल्प शामिल हैं। पिछले वर्ष की तुलना में इस साल सीटों की संख्या में 350 प्रतिशत से अधिक का भारी इजाफा किया गया है, जिससे अब सीटों की संख्या 6,100 से बढ़कर 22,950 हो जाएगी।



