नई दिल्ली: बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता गोवर्धन असरानी का 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया। लंबे समय से बीमार चल रहे असरानी ने दीवाली के दिन मुंबई के जुहू स्थित आरोग्य निधि अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनका अंतिम संस्कार सांताक्रूज श्मशान घाट पर पूरे सम्मान के साथ किया गया।
#BreakingNews | Veteran Bollywood actor Govardhan Asrani Passes Away At 84.#GovardhanAsrani pic.twitter.com/OnZx9Yz9Ci
— DD News (@DDNewslive) October 20, 2025
पांच दशकों का शानदार करियर
राजस्थान के जयपुर में जन्मे गोवर्धन असरानी ने अपने पांच दशकों से अधिक लंबे करियर में 350 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। उन्हें खासकर कॉमेडी और सपोर्टिंग किरदारों में उनकी टाइमिंग और अनूठे अंदाज के लिए जाना जाता था। असरानी को आज भी लोग उनकी कल्ट फिल्म ‘शोले’ में निभाए गए ‘जेलर’ के किरदार और उनके मशहूर डायलॉग ‘हम अंग्रेजों के जमाने के जेलर हैं!’ के लिए याद करते हैं।
उन्होंने अपने करियर में कई बेहतरीन और यादगार फिल्में दीं, जिनमें ‘शोले’, ‘बावर्ची’, ‘अभिमान’, ‘अनामिका’, ‘अजनबी’, ‘छोटी सी बात’ और ‘रफूचक्कर’ शामिल हैं। असरानी को आखिरी बार साल 2023 में रिलीज हुई फिल्म ‘नॉन स्टॉप धमाल’ और ‘ड्रीमगर्ल 2’ में देखा गया था।
शुरुआती जीवन
सिंधी मिडिल क्लास फैमिली में जन्मे असरानी के पिता विभाजन के बाद जयपुर शिफ्ट हो गए थे और कारपेट की दुकान चलाते थे। असरानी ने अपने भाई-बहनों से अलग अभिनय का रास्ता चुना। राजस्थान से ग्रेजुएशन और फिर जेवियर स्कूल से आगे की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वॉयस आर्टिस्ट के तौर पर की। उनकी पहली फिल्म ‘हरे कांच की चूड़ियां’ (1969) थी, जिसके बाद उन्होंने सपोर्टिंग किरदारों में अपार सफलता हासिल की। असरानी के निधन से पूरे बॉलीवुड और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर है। फिल्म जगत ने एक बहुमुखी और सदाबहार कलाकार खो दिया है।



