नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने देश में दूरसंचार अवसंरचना के तेजी से विस्तार और अनुमतियों की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए गतिशक्ति संचार पोर्टल और आरओडब्ल्यू (मार्ग का अधिकार) नियम लागू किए हैं। सरकार ने कहा कि देश के लगभग सभी 99.9% जिलों में 5G सेवाएं शुरू हो चुकी हैं और 31 अक्टूबर 2025 तक 5.08 लाख से अधिक 5G बेस ट्रांसीवर स्टेशन (BTS) स्थापित किए जा चुके हैं। इन स्टेशनों की मदद से अब तेज़ इंटरनेट के जरिए सटीक कृषि, ऑनलाइन शिक्षा और टेलीमेडिसिन जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण बढ़त मिल रही है।
5G को बढ़ावा देने के लिए सरकार के कदम
सरकार ने 5G को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं, जिनमें 2022 में स्पेक्ट्रम नीलामी, दूरसंचार कंपनियों को राहत देने के लिए वित्तीय सुधार, स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क हटाना और एसएसीएफए मंजूरी प्रक्रिया सरल करना शामिल है। इसके अलावा स्ट्रीट फ़र्नीचर पर छोटे सेल लगाने की अनुमति देकर कवरेज सुधारने की दिशा में भी पहल की गई है।
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शैक्षणिक संस्थानों में 100 5G प्रयोगशालाएं
देशभर के शैक्षणिक संस्थानों में 100 5G प्रयोगशालाए बनाई गई हैं, ताकी 5G आधारित नए उपयोग मामलों पर काम हो सके और 6G टेक्नोलॉजी के लिए रिसर्च एवं स्टार्टअप इकोसिस्टम तैयार हो। इस संबंध में जानकारी केंद्रीय संचार और ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासनी चंद्रशेखर ने लोकसभा में लिखित उत्तर के दौरान दी।




