iPhone में कितना सोना? क्या सचमुच बन सकती है अंगूठी?

iPhone में 0.03-0.04 ग्राम सोना होता है, जो ज्वेलरी बनाने के लिए नाकाफी है। Apple रीसाइक्लिंग से इस सोने को निकालकर पर्यावरण संरक्षण में मदद करता है।

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नई दिल्ली: आज के दौर में स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं। इनमें Apple का iPhone सबसे प्रीमियम माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके iPhone में सोना भी होता है? जी हां, यह कोई सजावटी चमक नहीं, बल्कि तकनीकी जरूरत के लिए इस्तेमाल होने वाली कीमती धातु है। आइए जानते हैं कि iPhone में कितना सोना होता है और क्या इससे अंगूठी जैसी ज्वेलरी बन सकती है।

क्यों इस्तेमाल होता है सोना?

सोना केवल आभूषणों तक सीमित नहीं है, यह इलेक्ट्रॉनिक्स में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसकी जंग-मुक्त प्रकृति और बिजली का बेहतर प्रवाह इसे सर्किट बोर्ड, कनेक्टर और चिप्स के लिए सबसे अच्छा विकल्प बनाती है। वहीं, iPhone के अंदर सोने का इस्तेमाल सिग्नल की गुणवत्ता बढ़ाने और डिवाइस की टिकाऊपन सुनिश्चित करने के लिए किया जाता है। लेकिन मात्रा के मामले में यह बहुत कम होता है।

कितना सोना है iPhone में?

अनुमान के मुताबिक, एक iPhone में लगभग 0.03 से 0.04 ग्राम सोना होता है। इतनी छोटी मात्रा को नंगी आंखों से देखना भी मुश्किल है। अगर आप सोच रहे हैं कि अपने पुराने iPhone को तोड़कर सोना निकाल लेंगे, तो निराशा ही हाथ लगेगी। एक सामान्य सोने की अंगूठी बनाने के लिए 2 से 4 ग्राम सोना चाहिए, यानी इसके लिए 60-70 iPhones की जरूरत पड़ेगी।

रीसाइक्लिंग से निकलता है सोना

Apple जैसे ब्रांड पुराने फोन्स को रीसाइक्लिंग के जरिए कीमती धातुओं को दोबारा प्राप्त करते हैं। कंपनी हर साल लाखों iPhones से सोना, चांदी और अन्य धातुएं निकालती है। उदाहरण के लिए, 2022 में Apple ने अपने रीसाइक्लिंग प्रोग्राम से हजारों किलोग्राम सोना हासिल किया, जिसकी कीमत अरबों रुपये थी। यह न केवल पर्यावरण संरक्षण में मदद करता है, बल्कि संसाधनों का पुनर्जनन भी करता है।

क्या बन सकती है अंगूठी?

सच तो यह है कि एक iPhone से निकलने वाला सोना इतना कम होता है कि उससे कोई ज्वेलरी बनाना असंभव है। लेकिन अगर आप सैकड़ों iPhones इकट्ठा करें, तो बात अलग हो सकती है। फिर भी, यह प्रक्रिया जटिल और महंगी है, जिसे केवल बड़े रीसाइक्लिंग प्लांट ही कर सकते हैं।

iPhone में सोना जरूर होता है, लेकिन इतना कम कि उससे न तो अंगूठी बन सकती है और न ही आप रातोंरात अमीर बन सकते हैं। Apple का रीसाइक्लिंग प्रोग्राम इस छोटी मात्रा को बड़े पैमाने पर इकट्ठा कर पर्यावरण और संसाधनों को बचाने में योगदान देता है।  

Usha Mehta

ushamehta0013@gmail.com

NewG India का सबसे युवा चेहरा, दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की। ग्रेजुएशन के बाद IGNOU और ABP न्यूज़ नेटवर्क जैसे संस्थानों में इंटर्नशिप की। सोशल और कॉमर्स विषयों की गहरी समझ हैं कलम के साथ आवाज में भी धार हैं। NewG India में बतौर कंटेंट डेवलपर व एंकर अपनी जिम्मेदारी उषा मेहता बखूबी निभा रही हैं ।

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