नई दिल्ली: दिल्ली सरकार उद्योगों की समस्याओं को दूर करने के लिए युवाओं से नए आइडिया मांग रही है। सरकार ने इसके लिए आइडियाथॉन शुरू किया है। इसका मकसद है कि युवा तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से उद्योगों के सामने आने वाली चुनौतियों का समाधान निकालना है। ये चुनौतियां हैं, खराब बुनियादी ढांचा, औद्योगिक क्षेत्रों में भीड़भाड़, पुराने नियम, बिचौलिए और तेजी से बदलती तकनीक के बीच कुशल कर्मचारियों की कमी। अपने आप में अनूठा दिल्ली का पहला ‘इंडस्ट्रियल आइडियाथॉन 2025’ में 652 टीमों ने किया रजिस्ट्रेशन; 124 टीमें 13 अगस्त से शुरू हो रहे प्रिलिमिनरी राउंड में लेंगी।
उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि 652 टीमों ने चार कैटेगरी में मुकाबला करने और अपने समाधान उद्योग जगत व सरकारी तंत्र के सामने पेश करने के लिए रजिस्ट्रेशन किया जिसमें ईनाम की कुल राशि 40 लाख रुपए है।
यह प्रतियोगिता दिल्ली स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (DSIIDC) द्वारा उद्योग विभाग, जीएनसीटीडी की ओर से आयोजित की जा रही है जिसका आधिकारिक नॉलेज पार्टनर प्रतिष्ठित नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी को बनाया गया है। इसमें छात्रों को दिल्ली की औद्योगिक चुनौतियों के लिए तकनीक-आधारित, प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस को तैयार करने का अवसर मिलेगा।
मंत्री ने Industrial Ideathon में हिस्सा ले रहे छात्रों को सराहा
मंत्री ने बताया कि भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि दिल्ली के युवा हमारे औद्योगिक भविष्य को आकार देने का हिस्सा बनना चाहते हैं। यह साबित करता है कि वे उन मुद्दों को हल करने के लिए तैयार हैं जिनका हमारे उद्योग रोज सामना करते हैं। 652 रजिस्ट्रेशनों में से 124 शॉर्टलिस्टेड टीमें अब 13 अगस्त को हृस्ञ्ज में होने वाले प्रीलीमिनरी राउंड में भाग लेंगी। इस 8 घंटे की चुनौती में वे चार प्रमुख केस स्टडीज पर काम करेंगी
- 1.दिल्ली के औद्योगिक हब्स में लास्ट माइल लॉजिस्टिक्स की अक्षमताएं और बिखरी हुई सप्लाई चेन – 175 एंट्रीज
- 2.स्टार्टअप्स और उद्यमियों के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुधारने के लिए टेक सॉल्यूशंस – 188 एंट्रीज
- 3.दिल्ली की छोटी और मध्यम औद्योगिक इकाइयों के लिए इंडस्ट्री 4.0 तकनीकों को अपनाना – 125 एंट्रीज
- 4.वित्त, बाजार और तकनीक तक पहुंच के माध्यम से रूस्रूश्वह्य को मजबूत बनाना – 164 एंट्रीज
प्रीलीमिनरी राउंड के बाद, 40 फाइनलिस्ट टीमें प्रत्येक कैटेगरी से शीर्ष 10 आगामी 22 अगस्त के ग्रैंड फिनाले में पहुंचेंगी, जहां वे अपने समाधान उद्योग और सरकारी तंत्र के सामने पेश करेंगी।
इसको भी पढ़ें: Delhi Book Fair: बच्चों से लेकर बड़ों के लिए ज्ञान का खजाना
इंडस्ट्रियल आइडियाथॉन के जरिए हम शिक्षा जगत, उद्योग और सरकार के बीच एक समन्वय बना रहे हैं। छात्रों को वास्तविक समस्याओं पर काम करने का मौका मिल रहा है, जबकि नीति निर्माताओं को देश के उज्ज्वल दिमागों से निकले आइडियाज़ से सीधे रूबरू हो रहे हैं। यह सही मायनों में यूथ को नीति निर्माण से जोडऩे का उदाहरण है।
अधिक जानकारी और अपडेट के लिए देखें।



