लखनऊ/पटना: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज (गुरुवार) से बिहार विधानसभा चुनाव में बीजेपी के लिए प्रचार का आगाज कर रहे हैं। कोशी-सीमांचल बेल्ट से उनकी जनसभाओं की शुरुआत हो रही है। सीएम योगी पटना के दानापुर विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी उम्मीदवार रामकृपाल यादव और सहरसा में डॉ. आलोक रंजन के समर्थन में विशाल जनसभा करेंगे। अब तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की बिहार चुनाव में कुल 20 जनसभाएं प्रस्तावित हैं। उनके माध्यम से भाजपा अपने हिंदुत्व मुद्दे पर वोटर्स को संदेश देने की कोशिश करेगी।
'सशक्त बिहार-समृद्ध बिहार' की सिद्धि हेतु मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी महाराज कल दानापुर एवं सहरसा विधान सभा क्षेत्रों में आयोजित जनसभाओं को संबोधित करेंगे।
— Yogi Adityanath Office (@myogioffice) October 15, 2025
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हिंदुत्व के ‘हार्ड चेहरे’ पर दांव
योगी आदित्यनाथ और असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा को वर्तमान समय में हिंदुत्व के एजेंडे पर चलने वाले सबसे सशक्त चेहरों में गिना जाता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिहार के मुस्लिम बहुल इलाकों से पहली सभा की शुरुआत कर भाजपा पूरे राज्य में अपने हिंदुत्व ब्रांड को आगे बढ़ाने का संकेत देना चाहती है। पार्टी ने इन सभाओं को खास तौर पर सीमांचल और कोशी के इलाकों में केंद्रित किया है, जहाँ धार्मिक ध्रुवीकरण का असर सीधे वोटों पर पड़ सकता है।
कानून-व्यवस्था और आक्रामकता
योगी आदित्यनाथ लोगों के बीच कानून-व्यवस्था, विकास और हिंदुत्व की राजनीति के प्रतीक माने जाते हैं। उनके भाषणों में ऊर्जा और आक्रामकता का संगम देखने को मिलता है, जो कार्यकर्ताओं में जोश भरने का काम करता है। भाजपा का मानना है कि योगी की मौजूदगी से मतदाताओं के बीच एक मजबूत संदेश जाएगा और चुनावी माहौल में पार्टी को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री की जनसभाओं की शुरुआत गुरुवार से हो रही है।
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इसी के साथ, राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और बिहार चुनाव के प्रदेश सह-प्रभारी केशव प्रसाद मौर्य भी गुरुवार को बिहार में रहेंगे। वे झंझारपुर और खजौली विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित नामांकन सभाओं में शामिल होंगे। केशव प्रसाद मौर्य की पिछड़े वर्ग में अच्छी पकड़ मानी जाती है। भाजपा ने अब तक जारी उम्मीदवार सूची में किसी भी मुस्लिम उम्मीदवार को टिकट नहीं दिया है, और उसके घटक दलों ने भी मुस्लिम चेहरों को टिकट देने से परहेज किया है।



