गर्मियों में पसीना आना आम बात है. किसी को कम पसीना आता है, तो किसी को ज़्यादा. दरअसल, हर व्यक्ति का शरीर गर्मी पर अलग-अलग तरह से प्रतिक्रिया करता है. लेकिन अगर आपको लग रहा है कि इस बार सामान्य से कहीं ज़्यादा पसीना आ रहा है और इसके साथ कुछ दूसरे लक्षण भी दिखाई दे रहे हैं, तो इसे नजरअंदाज न करें. क्योंकि कई बार ज़्यादा पसीना किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकता है.
गर्म मौसम में पसीना आना शरीर का एक प्राकृतिक और सुरक्षात्मक तंत्र है. पसीने की मदद से शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है और त्वचा ठंडी बनी रहती है. इससे शरीर को अत्यधिक गर्मी से होने वाले नुकसान से भी बचाव मिलता है.
लेकिन अगर बिना ज़्यादा गर्मी या शारीरिक मेहनत के भी बार-बार बहुत अधिक पसीना आने लगे, तो सतर्क होने की ज़रूरत है. खासतौर पर तब, जब इसके साथ बुखार, दिल की तेज़ धड़कन, अचानक वज़न कम होना या भूख में कमी जैसे लक्षण भी दिखाई दें. ऐसे संकेतों को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए और डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर होता है.
जाने एक्सपर्ट क्या कहते है
जब हम गर्म वातावरण में होते हैं, तब पसीना आना शरीर का एक प्राकृतिक और सुरक्षात्मक तंत्र होता है। इससे त्वचा ठंडी रहती है और शरीर को अत्यधिक गर्मी से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद मिलती है.
लेकिन यदि आपको बार-बार या सामान्य परिस्थितियों में भी बहुत अधिक पसीना आ रहा है, बिना अधिक गर्मी या शारीरिक मेहनत के पसीना आने लगा है, और इसके साथ हल्का या तेज़ बुखार, दिल की धड़कन तेज़ होना, वज़न कम होना या भूख में कमी जैसे लक्षण भी दिखाई दे रहे हैं, तो इन संकेतों को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए. ऐसे मामलों में डॉक्टर से सलाह लेकर उचित जांच करवाना ज़रूरी है.
कौन सी समस्याएं बढ़ जाती हैं?
गर्मियों में ज़्यादा पसीना आने से त्वचा से जुड़ी कई समस्याएं बढ़ सकती हैं. पसीना और लगातार नमी रहने की वजह से स्किन में एलर्जी, खुजली और जलन की शिकायत हो सकती है. जिन लोगों को पहले से एक्ज़िमा या डर्मेटाइटिस की समस्या है, उनमें पसीने के कारण इसके लक्षण और गंभीर हो सकते हैं.इसलिए त्वचा को जितना हो सके साफ़ और सूखा रखना ज़रूरी है.
कुछ मामलों में पसीना अर्टिकेरिया यानी एक तरह की एलर्जी को भी ट्रिगर कर सकता है.इसके कारण त्वचा पर लाल चकत्ते, खुजली और रैशेज़ की समस्या बढ़ सकती है.इसके अलावा, त्वचा पर लंबे समय तक नमी बने रहने से फंगल इंफेक्शन का खतरा भी बढ़ जाता है। यह संक्रमण खासतौर पर शरीर के उन हिस्सों में अधिक होता है जहां पसीना जमा रहता है और त्वचा आपस में रगड़ खाती है, जैसे बगल, जांघों के बीच का हिस्सा और त्वचा की सिलवटें। इसलिए गर्मियों में त्वचा की साफ़-सफाई और देखभाल पर विशेष ध्यान देना चाहिए.
गर्मियों में पसीना आना कंट्रोल कैसे करें?
गर्मियों में पसीना आना पूरी तरह सामान्य है. ये संभव नहीं कि गर्मी में जाएं और पसीना न आए. लेकिन कुछ चीज़ें हम कर सकते हैं. गर्मियों में ढीले-ढाले और सूती कपड़े पहनें. सिंथेटिक कपड़े पहनने से बचें. खुले-खुले और हल्के रंग वाले कपड़े पहनना बेहतर होता है. लाल और काले जैसे गहरे रंग के कपड़े न पहनें. कोशिश करें कि कूलर,पंखे, एसी या छांव वाली जगहों पर रहें. दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच, जब धूप और गर्मी सबसे ज़्यादा होती है, बाहर निकलने से बचें.



