दिल्ली में बसों की भारी कमी, कांग्रेस ने उठाए सवाल

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने त्योहारी सीजन में दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाया है। इसे लेकर उन्होंने दिल्ली सरकार से सवाल पूछे हैं।

Share This Article:

नई दिल्ली: दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने त्योहारी सीजन में दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि दिवाली और छठ जैसे पर्वों पर जब आम जनता को सबसे ज़्यादा बसों की ज़रूरत होती है, तब दिल्ली की सड़कों से डीटीसी और क्लस्टर बसें गायब होती जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और आम आदमी पार्टी दोनों सरकारें जनता को केवल वादों में उलझा रही हैं, जबकि ज़मीनी हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।

दिल्ली को बसों की जरूरत

उन्होंने कहा कि राजधानी में जहां 11000 हजार डीटीसी बसों की जरूरत है, वहां डीटीसी और कलस्टर बसें मिलाने के बावजूद 5000 से कम बसें पर चल रही है। यह चिंताजनक है कि प्रतिदिन 40 लाख लोग दिल्ली में डीटीसी बसों में सफर करते है, जबकि बसें लगातार कम हो रही है। देवेन्द्र यादव ने कहा कि पिछले 12 वर्षों से आम आदमी पार्टी और भाजपा सरकार लगातार डीटीसी बसें बढ़ाने का वादा कर रही है लेकिन डीटीसी बेड़े में बसें बढ़ने की बजाय लगातार कम हो रही है।

हटी इतनी बसें

इस वर्ष जनवरी से अक्टूबर 10 महीनों में डीटीसी की 2287 बसें और 553 कलस्टर बसें कुल मिलाकर 2820 बसें हटी है। दिल्लीवालों को बसों की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। लक्ष्मी नगर, गीता कॉलोनी, पटपड़गंज, मयूर विहार, आईटीओ, मुडंका, मंगोलपुरी, सुल्तानपुरी, नजफगढ़, बदरपुर, दिलशाद गार्डन, मयूर विहार फेस-3, सीमापुरी, नरेला सहित दूर दराज वाले मार्गों पर लोगों भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुछ बसें तो घंटों इंतजार करने पर भी नही आ रही हैं।

रेखा गुप्ता से सवाल

देवेन्द्र यादव ने आगे कहा कि सरकार महिलाओं को मुफ्त यात्रा योजना का बखान कर रही है, मैं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से पूछता हूं कि जब बसें ही नही होंगी और एक बस में 4-5 गुणा सवारी चढ़ेंगी तो कितनी महिलाओं को मुफ्त यात्रा का फायदा मिलेगा? मुख्यमंत्री बड़ी-बड़ी बातें करके अंतर्राज्यीय बसें, स्कूलों, कॉलेजों के लिए स्पेशल बसें देने की बात करके लोगों को गुमराह तो कर रही है लेकिन दिल्ली की जनता के लिए बसों के नाम छोटी देवी बसें देकर उपलब्धि बता रही है। वर्तमान में डीटीसी की 149 सीएनजी बसें ही सेवा में रह गई हैं। 2,517 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन करता है, जिनमें से 717 बसें 9-मीटर मॉडल और 1,800 बसें 12 मीटर की शामिल हैं।

देवेन्द्र यादव ने कहा कि अगर जल्द नई इलेक्ट्रिक बसें नहीं आई तो दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन प्रणाली पूरी ध्वस्त हो जाएगी, जिसकी चेतावनी डीटीसी पूर्व उपायुक्त अनिल कुमार चिकारा भी दे चुके है। डीटीसी को तुरंत अपने बेड़े का विस्तार करना चाहिए। दिल्ली में बसों की कमी अब केवल परिवहन की समस्या नहीं है। यात्रियों की दैनिक दिनचर्या भी प्रभावित हो रही है। महिलाएं, छात्र और कार्यालय जाने वाले लोग रोजाना घंटों इंतजार कर रहे हैं। त्यौहारी सीजन में राजधानी की सड़कों पर भीड़ बढ़ने के कारण बसों की संख्या में कमी एक बड़ी चिंता का विषय बन गई है।

Pooja Thakur

pt37557@gmail.com

मीडिया की दुनिया में पिछले 3 सालों से सक्रिय। वर्तमान में Newg India में बतौर कंटेंट राइटर और मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर काम कर रही हूं, जहां हर कहानी को एक नए नजरिए से पेश करने की कोशिश करती हूं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

न्यूज़लेटर के लिए सब्सक्राइब करें

कैटेगरीज़

हम वह खबरची हैं, जो खबरों के साथ खबरों की भी खबर रखते हैं। हम NewG हैं, जहां खबर बिना शोरगुल के है। यहां news, without noise लिखी-कही जाती है। विचार हममें भरपूर है, लेकिन विचारधारा से कोई खास इत्तेफाक नहीं। बात हम वही करते हैं, जो सही है। जो सत्य से परामुख है, वह हमें स्वीकार नहीं। यही हमारा अनुशासन है, साधन और साध्य भी। अंगद पांव इसी पर जमा रखे हैं। डिगना एकदम भी गवारा नहीं। ब्रीफ में यही हमारा about us है।

©2025 NewG India. All rights reserved.