बैंक की घुड़की… किश्त दोगे, तभी मिलेगी पत्नी!

माइक्रो फाइनेंसिंग कंपनियां कर्ज देकर किस तरह सलूक करती हैं, इसकी एक मिसाल झांसी में दिखी। कहानी हैरानी करने वाली है, जिसे बयां का रहे हैं लक्ष्मी नारायण शर्मा...

Share This Article:

झांसी: लुभावने ऑफर देकर माइक्रो फाइनेंसिंग कंपनियां किस कदर पुराने साहूकार सरीखा सलूक करती हैं, इसकी एक नजीर झांसी में देखने को मिली। आरोप है कि किश्त देने से नाकाम रहने पर एक शख्स की पत्नी को कंपनी के कर्मियों ने जबरन दफ्तर में बिठा लिया। और इसके लिए इकलौती शर्त किश्त चुकाने की रखी। गुजारिशों के बाद भी वह नहीं माने। पांच घंटे तक यह सब चलता रहा। फिर, पीड़ित ने पुलिस बुलाई। पुलिसिया दखल के बाद शख्स अपनी पत्नी को दफ्तर से ले जा सका। उधर, पुलिस ने इस आरोपों का खंडन करते हुए मामले में जांच बिठा दी है। एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति के मुताबिक, पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम का गठन कर मामले की रिपोर्ट देने को कहा गया है। अभी तक की जांच में महिला को जबरन बिठाने की पुष्टि नहीं हुई है।
पूरा मामला झांसी के मोठा पुलिस स्टेशन का है। आजाद नगर में स्थित एक माइक्रो फाइनेंस कंपनी की शाखा के अधिकारियों और कर्मचारियों पर आरोप है कि लोन की किश्त नहीं चुकाने पर एक महिला को जबरन बैंक में बैठा लिया। और उसके पति से कहा कि किश्त जमाकर ही अपनी पत्नी को ले जा सकते हो। इसके बाद पति रविंद्र वर्मा देर तक मिन्नतें मांगते रहे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। आखिरकार उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। फिर हरकत में आई पुलिस हरकत ने रविंद्र की पत्नी पूजा को मुक्त कराया गया। आरोप है कि लगभग पांच घंटे तक महिला को जबरन बैंक में बिठाए रखा गया। दूसरी ओर पुलिस ने जबरन बैंक में बिठाने की घटना को निराधार बताते हुए दोनों पक्षों में समझौता हो जाने की बात कही है।

पति का आरोप, बैंक कर रहा जबरदस्ती
रविन्द्र वर्मा का आरोप है कि उन्होंने अभी तक 11 किश्तें बैंक को लौटा दी हैं। जबकि बैंक में नौ ही किश्तें दर्ज हुई है। इसलिए किश्त रोक दी थी। उन्होंने बैंक से पूरी किश्तें क्लियर करने की बात कही। वह बैंक पहुंचे तो बैंककर्मियों ने जबरन पत्नी को बैंक मे बिठा लिया और कहा कि पैसे लेकर आओ तब पत्नी को छोड़ेंगे।

फांसी लगाने की सलाह
रविंद्र का आरोप है कि बैंक कर्मी इस दौरान उनकी पत्नी को सलाह दे रहे थे कि वह बगल वाले कमरे में फांसी लगा लें तो सारा पैसा माफ हो जाएगा। इसके बाद 112 पर फोन लगाया, तब पुलिस वाले आए और इसके बाद छोड़ा। करीब पांच घंटे बैंक उनकी पत्नी को जबरन बिठाए रखा। घटना को लेकर थाने में शिकायती पत्र दिया है।

40 हजार का लोन
रविन्द्र ने अनुसार, उसने चालीस हजार का लोन लिया था। किश्त लगातार जा रही थी। होली के बाद यह लोग किश्त लेने घर नहीं आए। जब हिसाब करने बैंक पहुंचे, तो बैंक में पत्नी को बिठाने के बाद बोले कि बाकी किश्तें दे जाओ और अपनी पत्नी को ले जाओ। वहीं, पत्नी पूजा ने कहा कि बैंक के लोग घर आ गए थे और किश्त जमा कराने की मांग को लेकर दो-तीन घंटे बैठे रहे। इसके बाद हम पति के साथ बैंक गए। वहां हमें पांच घंटे तक बिठाए रहे। पुलिस के पहुंचने पर हमें जाने दिया। मामला 28 जुलाई का है। 

परिवार से पूर्व मंत्री ने की मुलाकात
बैंक के उत्पीड़न का शिकार हुए परिवार से 30 जुलाई को पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य समेत कांग्रेस नेताओं ने मुलाकात की। प्रदीप जैन ने परिवार को दस हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। साथ ही दोषियों पर कार्रवाई की मांग उठाई। प्रदीप जैन आदित्य ने कहा कि पांच घंटे दलित महिला को बंधक बनाया कुछ किश्तों के लिए। केवल इक्कीस सौ रुपये की कुछ किश्तों के लिए बैंक में बिठा लेना और आत्महत्या करने के लिए कहना शर्मनाक है। थाने में बुलाकर इनका समझौता कराया गया। हम इस परिवार के साथ हैं।

  • पूजा ने माइक्रो फाइनेंस कंपनी से चालीस हजार रुपये कर्ज लिया था। दिसंबर तक उन्होंने नौ किश्तें जमा कर दी थीं। इनके हिसाब से गांव के धर्मेंद्र के मार्फत इन्होंने दो किश्तें और जमा की थीं। किश्तें जमा नहीं होने पर बैंक का कर्मचारी संजय 28 जुलाई को इनके घर गया। किश्त पर विवाद होने पर संजय ने कहा कि बैंक में आकर बात कर लें। पति, पत्नी और परिवार का एक अन्य सदस्य बैंक आए और बातचीत किया। सीसीटीवी देखा गया है। इसमें ये लोग बात कर रहे हैं। फोन पर 112 को सूचना दी गई थी। बैंक अधिकारी और पूजा थाने पर आए। दोनों पक्षों ने लिखकर दिया कि दो किश्तें धर्मेंद्र देगा और पांच किश्तें पूजा जमा करेगी। इस बात पर सहमति बन गई थी। जो बंधक बनाने की बात कही जा रही है, वह गलत है।
    डॉ तेजवीर सिंह, एसपी देहात, झांसी
पूरी घटना पर डॉ तेजवीर सिंह, एसपी देहात, झांसी का स्टेटमेंट

NewG Network

contact@newgindia.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

न्यूज़लेटर के लिए सब्सक्राइब करें

कैटेगरीज़

हम वह खबरची हैं, जो खबरों के साथ खबरों की भी खबर रखते हैं। हम NewG हैं, जहां खबर बिना शोरगुल के है। यहां news, without noise लिखी-कही जाती है। विचार हममें भरपूर है, लेकिन विचारधारा से कोई खास इत्तेफाक नहीं। बात हम वही करते हैं, जो सही है। जो सत्य से परामुख है, वह हमें स्वीकार नहीं। यही हमारा अनुशासन है, साधन और साध्य भी। अंगद पांव इसी पर जमा रखे हैं। डिगना एकदम भी गवारा नहीं। ब्रीफ में यही हमारा about us है।

©2025 NewG India. All rights reserved.