पटना: श्रण संसाधन विभाग का कार्यभार नए मंत्री संजय सिंह टाईगर ने सोमवार को संभाल लिया। इस मौके पर पूर्व मंत्री संतोष कुमार सिंह भी मौजूद थे। विभाग के सचिव दीपक आनन्द ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। विशेष सचिव सुनील कुमार यादव, श्रमायुक्त राजेश भारती ने भी पुष्पगुच्छ देकर मंत्री का अभिनंदन किया।
पदभार ग्रहण करने के उपरांत मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में श्रमिकों के लिए चल रही योजनाओं को जमीन पर शत-प्रतिशत उतारना पहली प्राथमिकता होगी। कौशल विकास मुख्यमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट है, जिसके तहत युवाओं और श्रमिकों को स्किल्ड करना है। उन्होंने जनसंख्या के आधार पर सेंटर की स्थापना करने का निर्देश दिया जिससे युवाओं और श्रमिकों को गुणवत्तापूर्ण कौशलपूर्ण प्रशिक्षण प्राप्त हो सके।
श्रमिकों को बिहार में रोजगार के लिए प्रेरित करना है
मंत्री ने कहा कि बिहार के मजदूर कई प्रदेशों में काम करते हैं और दूसरे देशों में भी काम करने जाते हैं। ऐसे मजदूरों को कैंप लगाकर रोजगार देना और उन्हें बिहार में रोजगार के लिए प्रेरित करना मेरा लक्ष्य होगा। जब तक श्रमिक अपने प्रदेश में काम नहीं करेंगे, तब तक विकसित बिहार नहीं बन पायेगा. गाँव के गरीब युवा श्रमिक पूरी तरह से स्किल्ड हो जाएँ। सरकार की योजनाओं का भौतिक सत्यापन कर उसका लाभ उन तक पहुंचाना मेरी प्राथमिकता होगी।
उन्होंने अधिकारियों को कहा कि विभाग की योजनाओं को जन-जन तक पहुचाया जाये और उन्हें लाभान्वित किया जाये। श्रम संसाधन विभाग द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं से प्रदेश के युवाओं, श्रमिक बंधुओं और असंगठित क्षेत्र के कामगारों को जोड़ना और लाभ देकर उन्हें आर्थिक रूप से सबल बनाना है। श्रम कानूनों को सही रूप से लागू करवाना एवं श्रमिकों को उचित मजदूरी और सामाजिक सम्मान दिलाना हमारी प्राथमिकता है।
आई.टी.आई. को सुदृढ़ बनाना और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण हेतु कार्य करना है
बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित योजनाओं लाभ सभी वैसे श्रमिक बंधुओं तक पहुंचना है, जो अभी तक इससे वंचित हैं। राज्य में संचालित आई. टी. आई. को सुदृढ़ बनाना और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण हेतु कार्य करना है। प्रदेश के युवाओं को निदेशालय नियोजन के माध्यम से रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करवाना है।
केंद्र सरकार ने भी हाल ही में कई श्रम संबंधी कोड में संशोधन किए हैं। इनका सही ढंग से क्रियान्वयन होना विभाग के साथ-साथ हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।



