पटना। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की सियासत तेजी से गरमा रही है। नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव इन दिनों ‘बिहार अधिकार यात्रा’ पर निकले हैं। यात्रा के दूसरे दिन तेजस्वी यादव बाढ़ और बख्तियारपुर विधानसभा क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। इसके बाद वे अपने विधानसभा क्षेत्र राघोपुर पहुंचेंगे, जहां कार्यकर्ताओं ने उनके भव्य स्वागत की तैयारी की है।

तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार व भाजपा पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि बिहार की स्थिति बेहद खराब है. ‘पत्रकारों की पिटाई हो रही है, अस्पतालों की हालत बदतर है और जनता की बुनियादी समस्याओं की कोई सुनवाई नहीं हो रही।. तेजस्वी ने कहा कि उनकी यह यात्रा जनता की आवाज उठाने और उनके मुद्दों को सामने रखने के लिए है।
पीएम मोदी को जन्मदिन की बधाई
तेजस्वी यादव ने पीएम मोदी के 75वें जन्मदिन पर बधाई दी है और उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। वहीं, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दो दिवसीय बिहार दौरे को लेकर तेजस्वी ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि ‘अमित शाह पटना प्रधानमंत्री का जन्मदिन मनाने ही आए हैं, लेकिन बिहार की असली समस्याओं पर उनकी कोई नजर नहीं है।’
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सीट बंटवारे पर फंसा पेंच
इंडिया गठबंधन (INDIA Bloc) में सीट बंटवारे को लेकर फिलहाल पेंच फंसा हुआ है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के पारस गुट के शामिल होने से समीकरण और जटिल हो गए हैं।
- कांग्रेस 70 से कम सीटें नहीं चाहती।
- विकासशील इंसान पार्टी (VIP) प्रमुख मुकेश सहनी 60 सीटें और उपमुख्यमंत्री पद की मांग कर रहे हैं।
- सीपीआई-एमएल (CPI-ML) कम से कम 40 सीटों पर दावेदारी कर रही है।
- वहीं, आरजेडी (RJD) 150 से कम सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए तैयार नहीं है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तेजस्वी यादव के हालिया बयान ने साफ कर दिया है कि आरजेडी महागठबंधन में नेतृत्व की भूमिका खुद रखना चाहती है। वहीं, भाजपा और जेडीयू गठबंधन इसे अपने पक्ष में भुनाने की तैयारी कर रहे हैं। बिहार विधानसभा चुनाव अक्टूबर-नवंबर में होने की संभावना है और जैसे-जैसे समय नजदीक आ रहा है, चुनावी जंग और तीखी होती जा रही है।



