बिहार में RTPS पोर्टल में तकनीकी खराबी, प्रमाण पत्र जारी होने में देरी

RTPS पोर्टल में तकनीकी गड़बड़ी के कारण प्रमाणपत्र जारी होने की दर में भारी गिरावट आई है।

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पटना: बिहार में पिछले चार दिनों से लोक सेवाओं का अधिकार (RTPS) पोर्टल में तकनीकी खराबी आने से आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सर्वर की गति धीमी होने के कारण जाति, आवासीय और आय प्रमाण पत्र जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज हासिल करने में लोगों को मुश्किल हो रही है। गौरतलब है कि बिहार सरकार द्वारा संचालित लोक सेवाओं का अधिकार (RTPS) पोर्टल एक ऑनलाइन मंच है, जिसका मुख्य उद्देश्य नागरिकों को सरकारी सेवाएं आसानी से उपलब्ध कराना है। इस पोर्टल के माध्यम से लोग जाति, आय, निवास प्रमाण पत्र और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों के लिए घर बैठे या नजदीकी केंद्रों से आवेदन कर सकते हैं। यह पहल सरकारी कामकाज में पारदर्शिता लाने, भ्रष्टाचार को कम करने और नागरिकों को समय पर सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए शुरू की गई थी।

प्रमाणपत्र जारी होने की दर में भारी गिरावट

सामान्य दिनों में RTPS पोर्टल पर रोजाना लगभग 1.5 लाख आवेदन प्राप्त होते हैं। हालांकि, तकनीकी गड़बड़ी के कारण प्रमाणपत्र जारी होने की दर में भारी गिरावट आई है। बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन के अनुसार, 10 अगस्त को कुल 1,76,626 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से केवल 23,808 आवेदनों के प्रमाणपत्र ही जारी किए जा सके। इसके अलावा, 13,875 आवेदनों को जाँच के बाद अस्वीकृत कर दिया गया। यह आँकड़ा सामान्य दिनों की तुलना में सिर्फ 11% है।

सर्वर को ठीक करने का प्रयास जारी

बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन के सूत्रों ने बताया कि सर्वर की धीमी गति को ठीक करने के लिए राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के इंजीनियर काम कर रहे हैं। उम्मीद है कि समस्या को जल्द ही दूर कर लिया जाएगा।

RTPS पोर्टल पर मिलने वाली मुख्य सेवाएं

RTPS केंद्र राज्य में कई महत्वपूर्ण ऑनलाइन सेवाएं प्रदान करते हैं, जिनमें मुख्य रूप से जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, कृषि, श्रम संसाधन और पर्यटन विभागों से संबंधित अन्य आवश्यक दस्तावेज हैं। इन सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा मिलती है।

प्रमुख उद्देश्य और महत्व

  • पारदर्शिता और जवाबदेही: इस पोर्टल का मकसद सरकारी सेवाओं में भ्रष्टाचार को कम करना है। इसके जरिए लोग अपने आवेदन की स्थिति को ऑनलाइन ट्रैक कर सकते हैं, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता आती है।
  • समय की बचत: नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के बार-बार चक्कर काटने से बचाने के लिए यह पोर्टल शुरू किया गया था। अब लोग घर बैठे या नजदीकी RTPS केंद्र से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, जिससे समय और पैसे दोनों की बचत होती है।
  • सेवाओं की डिलीवरी: यह सुनिश्चित करना कि नागरिकों को समय पर सेवाएं मिलें। अधिनियम के तहत हर सेवा के लिए एक तय समय-सीमा होती है, जिसके भीतर प्रमाणपत्र जारी करना अनिवार्य है।

तकनीकी और क्रियान्वयन

यह पोर्टल बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन के तहत चलाया जाता है। तकनीकी रूप से इसे राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) द्वारा विकसित और मेंटेन किया जाता है। जब भी सर्वर में कोई समस्या आती है, तो NIC के इंजीनियर ही उसे ठीक करने का प्रयास करते हैं। यह पोर्टल राज्य में कई विभागों की सेवाओं को एक ही जगह पर लाता है, जिससे लोगों के लिए सरकारी काम करना आसान हो जाता है।

Sakshi Pal

sakshipal8700@gmail.com

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