नई दिल्ली। सूरीनाम के पूर्व राष्ट्रपति चंद्रिकाप्रसाद ‘चान’ संतोखी का निधन हो गया है। भाजपा नेता डॉ. विजय जौली ने गहरा दुःख व्यक्त करते हुए इसे भारत के लिए एक बड़ी क्षति बताया है। जौली ने कहा कि संतोखी भारत और सूरीनाम के बीच सांस्कृतिक व ऐतिहासिक संबंधों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते रहे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 में संतोखी ने संस्कृत भाषा में राष्ट्रपति पद की शपथ लेकर दोनों देशों के गहरे रिश्तों को वैश्विक मंच पर नई पहचान दी थी।
कई महत्वपूर्ण पदों पर किया कार्य
संतोखी ने अपने राजनीतिक जीवन में सूरीनाम के न्याय एवं पुलिस मंत्री तथा पुलिस कमिश्नर के रूप में भी कार्य किया। जौली के अनुसार, उन्होंने देश की आर्थिक स्थिरता और विकास के लिए निरंतर प्रयास किए।
भारत से रहा विशेष लगाव
जौली ने बताया कि संतोखी को भारत सरकार द्वारा ‘प्रवासी भारतीय पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया था और वे प्रवासी भारतीय दिवस में मुख्य अतिथि के रूप में भी शामिल हुए थे। उन्होंने भारत और सूरीनाम के बीच जन-जन के संबंधों को मजबूत करने के लिए लगातार काम किया।
व्यक्तिगत मुलाकातों को किया याद
जौली ने कहा कि उनकी संतोखी से पारामारिबो स्थित राष्ट्रपति भवन में कई बार मुलाकात हुई थी, जहां उन्होंने दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की थी।
शोक संवेदना व्यक्त
उन्होंने संतोखी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उनके परिवार, सहयोगियों और ‘प्रगतिशील सुधार दल’ के प्रति संवेदना प्रकट की। जौली ने कहा कि भारत ने आज एक सच्चा मित्र खो दिया है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।



